संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
उजाला टुडे कोंडागांव 16 जून 2025-कोंडागांव में पाइपलाइन कार्य: ठेकेदार की घोर लापरवाही से सड़कें बनीं दुर्घटना का जाल, गड्ढे बने आफत!

कोंडागांव (छत्तीसगढ़): कोंडागांव शहर में कोसारटेंडा बांध से जल आपूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन का काम स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। वार्ड क्रमांक 11, डी.एन.के. रोड पर ठेकेदार की घोर लापरवाही साफ दिख रही है। पाइप बिछाने के बाद खोदे गए गड्ढों को सिर्फ मिट्टी से भरकर छोड़ दिया गया है, उन्हें रोलर से दबाकर समतल नहीं किया गया है। इन अधूरे और खतरनाक गड्ढों के कारण सड़क पर गाड़ियाँ लगातार फंस रही हैं, जिससे आवागमन में भारी दिक्कत आ रही है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला और नगरीय प्रशासन इस गंभीर समस्या को जानबूझकर अनदेखा कर रहा है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।
बदहाल सड़कें, बदहाल जिंदगी
डी.एन.के. रोड कोंडागांव का एक व्यस्त रास्ता है, जहाँ हर दिन हज़ारों वाहन गुजरते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार ने पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढों को सिर्फ़ मिट्टी से ढक दिया है, लेकिन उनकी सही तरीके से भराई और रोलर से compaction (दबाव डालकर मिट्टी को बिठाना) नहीं किया गया है। इसका नतीजा यह है कि ये गड्ढे पक्की सड़क पर खतरनाक अवरोध बन गए हैं।
एक स्थानीय निवासी ने गुस्से में बताया, “गड्ढे ठीक से पाटे नहीं गए हैं, मिट्टी डाली और छोड़ दी। रोलर से दबाया ही नहीं, जिसकी वजह से आए दिन लोग गिर रहे हैं। खासकर रात में तो ये गड्ढे दिखते ही नहीं और कई वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। प्रशासन क्यों सोया हुआ है? क्या किसी की जान जाने का इंतज़ार है?”

प्रशासन की उदासीनता और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
यह परियोजना कोंडागांव को साफ़ पानी देने के लिए बेहद ज़रूरी है, लेकिन इसे इस तरह से पूरा नहीं किया जा सकता जिससे आम जनता की सुरक्षा और सुविधा खतरे में पड़े। स्थानीय प्रशासन की यह नैतिक और कानूनी ज़िम्मेदारी है कि वह निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करे।
हमारी मांग है कि:
* तत्काल जांच: संबंधित ठेकेदार के खिलाफ काम में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में तुरंत जांच शुरू की जाए।
* सख्त कार्रवाई: जांच में दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसमें ठेकेदार को काली सूची में डालना और परियोजना से हटाना भी शामिल हो सकता है।
* जल्द और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत: डी.एन.के. रोड पर अधूरे पाटे गए सभी गड्ढों को युद्धस्तर पर और सही तरीके से भरा जाए, जिसमें मिट्टी डालकर रोलर से अच्छी तरह दबाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
* जवाबदेही तय: संबंधित विभागों के उन अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए जिन्होंने इस गंभीर लापरवाही को नज़रअंदाज़ किया।
कोंडागांव के नागरिक अब प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। क्या प्रशासन इन खराब सड़कों पर ध्यान देगा और अपनी जनता को सुरक्षित आवागमन प्रदान करेगा?
