संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव

गरियाबंद: 11 साल का बच्चा चाकू लेकर स्कूल पहुंचा, सहपाठियों और शिक्षकों को दी जान से मारने की धमकी
गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के सरकड़ा गांव के एक सरकारी स्कूल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा छठवीं में पढ़ने वाला 11 वर्षीय एक छात्र लगातार दो-तीन दिनों से अपने स्कूल बैग में एक बड़ा चाकू लेकर आ रहा था और अपने सहपाठी बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी जान से मारने की धमकी दे रहा था।
यह गंभीर मामला तब सामने आया जब शिक्षकों ने बुधवार को एकजुट होकर बच्चे को पकड़ा। उन्होंने चाकू के साथ उसकी फोटो खींची और वीडियो भी बनाया, जिससे इस घटना का प्रमाण मिल सके।
घटना की गंभीरता और आवश्यक कदम:
यह घटना सरकारी स्कूलों में व्याप्त अव्यवस्थाओं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चिंताओं को उजागर करती है:
* बच्चों की सुरक्षा पर सवाल: इस घटना से स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि स्कूल बच्चों के लिए एक सुरक्षित स्थान रहे।
* बाल मनोविज्ञान और व्यवहार: 11 साल के बच्चे द्वारा इस तरह का हिंसक व्यवहार प्रदर्शित करना उसके मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर ध्यान देने की आवश्यकता को दर्शाता है।
* प्रशासन और अभिभावकों की भूमिका: यह घटना स्कूल प्रशासन और अभिभावकों दोनों के लिए एक चेतावनी है कि वे बच्चों के व्यवहार पर कड़ी नज़र रखें और किसी भी असामान्य गतिविधि को गंभीरता से लें।
इस मामले में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। बच्चे की काउंसलिंग, उसके व्यवहार के पीछे के कारणों का पता लगाना और यदि आवश्यक हो तो उसे उचित सहायता प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, स्कूल में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा और उसे मजबूत करना भी आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में कौन से सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं?
