संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव

उजाला टुडे कोंडागांव, 28 जुलाई 2025- कोंडागांव: जनपद पंचायत कोंडागांव के ग्राम पंचायत पलारी का आश्रित ग्राम नानीपादर, जो कलेक्टर कार्यालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आज भी बेहतर सड़क सुविधा के लिए तरस रहा है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की आस में बैठे हैं, लेकिन विष्णु देव साय के “सुशासन काल” में भी उनकी यह मूलभूत आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार आवेदन दिए हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी दूभर हो गया है। आज तो इस सड़क पर एक ट्रक भी फंस गया, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो गया है। मोटरसाइकिल से जाने पर साँप की तरह फिसलने का डर बना रहता है, और कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि दो महीने बाद बारिश खत्म होने पर वे कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।
पूर्व में भी हुआ था निरीक्षण, पर काम अधूरा
यह विडंबना है कि वर्तमान कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना जब वर्ष 2019-2020 में जिला पंचायत सीईओ थीं, तब पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम के निर्देश पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ इस सड़क का स्थल निरीक्षण भी किया था। संबंधित विभाग द्वारा 1 करोड़ रुपये का प्राक्कलन (estimate) भी तैयार किया गया था, किंतु आज दिनांक तक कोई भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कई वर्ष बीत जाने के बाद भी इस सड़क का निर्माण क्यों नहीं हो पाया है? अब देखना यह है कि वर्तमान में कलेक्टर बनकर लौटीं नूपुर राशि पन्ना, नानीपादर के ग्रामवासियों की सड़क की इस पुरानी मांग को कब तक पूरा कर पाती हैं। ग्रामीणों की उम्मीदें एक बार फिर उन पर टिकी हैं।
