
कोण्डागांव में चार नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 22 लाख का इनाम घोषित
उजाला टुडे कोण्डागांव, छत्तीसगढ़ – 19 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। आज, मंगलवार को, एक नक्सली दंपति सहित कुल चार इनामी नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कुल 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, नक्सलियों के मारे जाने, संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेदों, वरिष्ठ नेताओं के आत्मसमर्पण, और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सुरक्षित पारिवारिक जीवन जीने की चाह के चलते हुआ है।
आत्मसमर्पण के प्रमुख कारण
- सुरक्षा बलों का दबाव: सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान और सफल कार्रवाइयाँ नक्सलियों पर भारी पड़ रही हैं।
- आंतरिक कलह: संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद और वरिष्ठ नेताओं के आत्मसमर्पण ने भी नक्सलियों को कमजोर किया है।
- विकासोन्मुखी कार्य: अंदरूनी क्षेत्रों में शासन के विकास कार्य, जैसे सड़कों का विस्तार, परिवहन सुविधाएँ, पानी, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएँ ग्रामीणों तक पहुँच रही हैं, जिससे नक्सलियों का प्रभाव कम हो रहा है।
- सामुदायिक पुलिसिंग: सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ सकारात्मक संवाद और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ने भी नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया है।
- पुनर्वास नीति का प्रचार: छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर माओवादी मुख्यधारा में लौटने को तैयार हैं।

आत्मसमर्पित नक्सलियों का विवरण
आत्मसमर्पित नक्सलियों में एक दंपति भी शामिल है। इन्हें तत्काल 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है, और शासन की पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएँ प्रदान करने के लिए वरिष्ठ कार्यालय को पत्र व्यवहार किया गया है।
- लक्ष्मण कोर्राम उर्फ जुन्नू (उम्र 30 वर्ष): मानपुर डिवीजन अंतर्गत कोतरी एरिया कमेटी प्रभारी, डीवीसीएम। इस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
- मड्डो उर्फ जरीना (उम्र लगभग 25 वर्ष): लक्ष्मण कोर्राम की पत्नी, मानपुर डिवीजन अंतर्गत कोतरी एरिया कमेटी सदस्या। इस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
- पांडूराम (उम्र 40 वर्ष): गवाड़ी जनताना सरकार अध्यक्ष। इस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
- सखाराम (उम्र 23 वर्ष): कंपनी नं. 05 सदस्य, पीपीसीएम और वर्तमान नक्सली डॉक्टर। इस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आपराधिक पृष्ठभूमि
ये सभी आत्मसमर्पित नक्सली कोण्डागांव, कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा और मानपुर मोहला क्षेत्रों में कई हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं, जिनमें सुरक्षा बलों पर गोलीबारी, आम नागरिकों की हत्या, लूटपाट, सरकारी भवनों को नुकसान पहुँचाना, सड़क काटकर मार्ग अवरुद्ध करना, अपहरण और आगजनी जैसी घटनाएँ शामिल हैं।
लक्ष्मण कोर्राम उर्फ जुन्नू पर 2010 से 2023 तक विभिन्न आपराधिक घटनाओं में शामिल होने का आरोप है, जिसमें पुलिस जवानों की शहादत और आम नागरिकों की हत्याएँ शामिल हैं। मड्डो उर्फ जरीना पर भी 2016 से 2018 तक सुरक्षा बलों पर फायरिंग और जवानों को घायल करने की घटनाएँ दर्ज हैं। पांडूराम पर 2002 से 2008 तक लूटपाट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और पुलिस पर हमले जैसी घटनाएँ शामिल हैं। सखाराम पर 2005 से 2011 तक पुलिस जवानों की शहादत और आम नागरिकों की मृत्यु से जुड़ी कई गंभीर घटनाएँ दर्ज हैं।
ऑपरेशन में शामिल अधिकारी
यह सफल आत्मसमर्पण अभियान पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज जगदलपुर, सुंदरराज पी. (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक उत्तर बस्तर रेंज कांकेर, अमित तुकाराम कांबले, और पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव, वॉय अक्षय कुमार (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन में, तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) कोण्डागांव, रूपेश कुमार डांडे, और उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स कोण्डागांव, सतीश भार्गव के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित गाँवों में नियमित रूप से सिविक एक्शन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के लाभों के बारे में बैनर, पोस्टर और पैम्फलेट के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इसी के परिणामस्वरूप, नक्सली स्वयं आगे आकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय ले रहे हैं।


