संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
मोदी की गारंटी’ पर भारी पड़ा कर्मचारियों का गुस्सा: कोंडागांव में गूंजा ‘हमें हमारा हक दो’ का नारा
कोंडागांव: छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर, जिले के सैकड़ों कर्मचारियों ने शुक्रवार, 22 अगस्त को कोंडागांव मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। ‘मोदी की गारंटी’ को लागू करने की मांग को लेकर, इन कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की और सरकार से लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की अपील की।
फेडरेशन का आरोप है कि सरकार कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। उनका कहना है कि महंगाई भत्ता (DA) और अन्य आर्थिक लाभों के आदेशों में अस्पष्टता के कारण कर्मचारियों को वित्तीय नुकसान हो रहा है, जिससे उनमें गहरा असंतोष है। प्रदर्शन के दौरान, कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।
कर्मचारियों की मुख्य माँगें:
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को विस्तार से बताया, जिनमें ये मुख्य रूप से शामिल थीं:
- DA बकाया (Arrears): 2019 से लंबित महंगाई भत्ते का बकाया कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित किया जाए।
- वेतन विसंगतियाँ: विभिन्न विभागों में वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए ‘पिंगुआ कमेटी’ की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
- नियमितीकरण: संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को जल्द से जल्द नियमित किया जाए।
- अन्य लाभ: कर्मचारियों ने 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु, 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण, और कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की भी मांग की।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो उनका यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है। कोंडागांव में हुए इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे, जिसने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों का इरादा कितना मजबूत है।


