संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव का ऐतिहासिक बंधा तालाब उपेक्षा का शिकार: वार्ड वासियों ने उठाई सफाई की जिम्मेदारी
उजाला टुडे कोंडागांव 01 सितंबर 2025 : कोंडागांव की पहचान बन चुका ऐतिहासिक बंधा तालाब आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित यह तालाब, जो कभी शहर की शान था, अब एक जल कुम्भी का मैदान का रूप ले चुका है।
दुखद बात यह है कि इस तालाब की बदहाली को जानते हुए भी शासन-प्रशासन ने आँखें मूँद रखी हैं। कलेक्टर इस सड़क से रोज़ाना आते-जाते हैं और इस स्थिति को देखते हुए भी अपनी आँखें बंद रखे हैं, और नगरीय प्रशासन की तो बात ही अलग है, उन्हें भी यह समस्या दिखाई नहीं देती।
प्रशासन की इस उदासीनता के बीच, वार्ड वासियों ने खुद ही इस तालाब को बचाने का बीड़ा उठाया है। प्रभु दास, सुखदास, मानिकपुरी, गनसूदास, शीतल, जीतू और मोहित दास जैसे स्थानीय लोग मिलकर तालाब की सफाई में जुट गए हैं।
स्थानीय निवासी प्रभु दास ने बताया, “यह तालाब हमारी पहचान है, लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता ने इसे बर्बाद कर दिया है। हम चाहते हैं कि अधिकारी हमारी इस पहल को देखें और इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए ठोस कदम उठाएं।”
कुछ साल पहले, बंधा तालाब की सफाई के लिए एक बड़ी मुहिम चलाई गई थी, लेकिन वह बीच में ही थम गई। नतीजतन, तालाब में गंदगी और गाद जमा हो गई है, और यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता खो चुका है।
स्थानीय लोगों की यह पहल सराहनीय है, लेकिन इस तालाब को उसके पुराने गौरव को वापस दिलाने के लिए बड़े और स्थायी प्रयासों की आवश्यकता है। वार्ड वासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे इस तालाब के जीर्णोद्धार के लिए अपनी आँखें खोलें, ताकि यह फिर से कोंडागांव की शान बन सके।




