संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
हक के लिए हाहाकार: NHM कर्मचारियों ने मांगा ‘इच्छा मृत्यु’, हस्ताक्षर अभियान शुरू
उजाला टुडे कोण्डागांव 15 सितंबर 2025- छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था के संविदा कर्मचारियों का गुस्सा अब उफान पर है। पिछले एक महीने से हड़ताल पर बैठे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी न होने पर अब ‘इच्छा मृत्यु’ की अनुमति मांगी है। शासन की वादाखिलाफी से तंग आकर कर्मचारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है।
हक छीना तो इच्छा मृत्यु मांगी
यह हस्ताक्षर अभियान आज से कोण्डागांव में शुरू हुआ है, जिसमें जिले के 581 कर्मचारी शामिल हैं। संघ का कहना है कि अगर उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो वे “जिल्लत भरी जिंदगी को छोड़कर” इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं।
ये हैं NHM कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगें
कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- नियमितीकरण और स्थायीकरण: संविदा से स्थायी नौकरी।
- वेतन और ग्रेड पे: लंबित वेतनवृद्धि का लाभ और ग्रेड पे का निर्धारण।
- कैशलेस चिकित्सा सुविधा: कम से कम ₹10 लाख की कैशलेस सुविधा।
- अन्य सुविधाएं: अनुकंपा नियुक्ति, पब्लिक हेल्थ कैडर, और छुट्टियों का लाभ।
आगे की रणनीति: भूख हड़ताल और ‘जेल भरो’
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी, तो इस हफ्ते राज्य के सभी 33 जिलों में वे भूख हड़ताल और अनशन करेंगे। साथ ही, संभाग स्तर पर ‘जेल भरो’ आंदोलन भी चलाया जाएगा। कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए लगातार दबाव बढ़ा रहे हैं।


