संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
कांग्रेस का बिजली बिल बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन
उजाला टुडे कोंडागांव 03 अक्टूबर 2025 – केशकाल में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रतिराम मरकाम के नेतृत्व में बिजली ऑफिस का घेराव किया गया। यह विरोध बिजली बिल में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ था। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और कार्यक्रम प्रभारी देवचंद मातलाम उपस्थित रहे।
कांग्रेस द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप
कार्यक्रम प्रभारी देवचंद मातलाम ने मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए:
- जनता को लूटना: उन्होंने कहा कि बिजली बिल में बढ़ोतरी करके भाजपा सरकार ने उपभोक्ताओं को एक बार फिर लूटने का काम किया है।
- दरों में वृद्धि:
- घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि।
- गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी।
- कृषि पंप के बिजली के दाम में सर्वाधिक 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि, जिसे उन्होंने किसानों की “कमर तोड़ना” बताया।
- किसानों की उपेक्षा: सरकार पर खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान किसानों की दुर्भावना और उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया।
- ऐतिहासिक संदर्भ:
- उन्होंने 2003 से 2018 तक पूर्ववर्ती रमन सरकार के दौरान हर साल बिजली के दामों में वृद्धि करने का हवाला दिया, जिसके तहत दरें ₹3.30 से बढ़कर ₹6.40 तक हो गई थीं।
- उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के 5 साल में नेट वृद्धि मात्र दो पैसे थी, जो ऐतिहासिक रूप से सबसे कम थी।
- कांग्रेस सरकार के लाभ: उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार ने ‘बिजली बिल हॉफ योजना’ के तहत 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग ₹3240 करोड़ की सब्सिडी देकर राहत दी थी, साथ ही किसानों को 5 एचपी तक निशुल्क बिजली और बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी थी।
- वर्तमान कुप्रबंधन: उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद बिजली की कटौती शुरू हो गई है और कीमतें लगातार बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी, और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है?”
- अन्य मुद्दे:
- सरकारी विभागों, मंत्रियों और अधिकारियों द्वारा बिल जमा न करने से लंबित करोड़ों के भुगतान की वसूली जनता से करने का आरोप।
- सत्ता के संरक्षण में बिजली चोरी और लाइन लॉस बढ़ने से हो रहे नुकसान की भरपाई भी जनता से वसूलने का प्रयास।
- स्मार्ट मीटर के नाम पर अधिक बिल भेजना और अडानी की कंपनी का प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी।
- केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों, जैसे कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना बढ़ाना, माल भाड़ा बढ़ाना, और अडानी की कंपनी से महंगा कोयला खरीदने को बाध्य करने, के कारण उत्पादन लागत बढ़ने और इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डालने का आरोप।
- अघोषित कटौती रोज जारी रहने के बावजूद दरों में बढ़ोतरी करना।
विरोध और मांग
कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार के इस अन्यायपूर्ण और जनविरोधी फैसले का विरोध करते हुए कहा कि वे पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे। उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन के माध्यम से सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने का निवेदन किया है।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जनपद उपाध्यक्ष ओमप्रकाश मरकाम, पार्षद राजेंद्र ठाकुर, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव श्रीपाल कटारिया सहित सैकड़ों कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

