संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव

शिक्षा विभाग में ‘ड्रेस कोड’ विवाद: जॉइंट डायरेक्टर पर गंभीर आरोप, शिक्षक को जींस पहनने पर अपमानित कर लौटाया!
बस्तर संभाग के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग, शिक्षक संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी
उजाला टुडे कोंडागांव 14 अक्टूबर 2025- जगदलपुर/कोंडागांव। बस्तर संभाग के शिक्षा विभाग में एक वरिष्ठ अधिकारी के कथित अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। संयुक्त संचालक (शिक्षा) पर विकासखंड केशकाल (कोंडागांव) के एक शिक्षक को केवल जींस-शर्ट पहनने के कारण सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और वापस लौटाने का गंभीर आरोप लगा है।

यह है मामला:
पीड़ित शिक्षक प्रकाश कुमार नेताम ने इस संबंध में विधायक (विश्रामपुरी मंच) और अन्य उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। पत्र के अनुसार, दिनांक 10/10/2025 को शिक्षक प्रकाश कुमार नेताम द्वारा अधिकारी के निरीक्षण के दौरान डेली डायरी में कुछ त्रुटी पायी गई थी, शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था जिसका जवाब देने संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बस्तर के कार्यालय गए थे।
शिक्षक का आरोप है कि उन्हें देखने के बाद जॉइंट डायरेक्टर ने उनसे कहा कि वे “जीन्स पहने वालों से नहीं मिलते हैं” और उनके कार्यालय में जींस पैंट पहनना वर्जित है। यह टिप्पणी करते हुए, उन्हें तुरंत कार्यालय से बाहर जाने को कहा गया।
शिक्षक ने जताया गहरा दुख:
शिकायतकर्ता शिक्षक नेताम ने पत्र में स्पष्ट किया है कि संयुक्त संचालक के इस व्यवहार से उन्हें “काफी आहत, व्यथित और अपमानित” महसूस हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह एक अत्यंत संवेदनशीलता और व्यक्तिगत पीड़ा के साथ वहां खड़े थे, तब उनके पहनावे को मुद्दा बनाकर इस तरह का अपमानजनक व्यवहार क्यों किया गया?
उच्च स्तरीय कार्यवाही की मांग:
शिक्षक संगठनों की ओर से इस कृत्य को अशोभनीय और अनुशासनहीनता मानते हुए, संयुक्त संचालक (शिक्षा), बस्तर संभाग के विरुद्ध तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
अंतिम चेतावनी और आंदोलन का ऐलान:
शिकायत पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि संयुक्त संचालक के विरुद्ध सात दिनों के भीतर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की गई और उनका अन्यत्र पदस्थापना नहीं किया गया, तो समस्त शिक्षक संगठन एक व्यापक शिक्षक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने कहा है कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।
इस घटना के बाद से बस्तर संभाग के शिक्षकों में भारी रोष है, और सभी की निगाहें अब शासन के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।



