
📰 ख़बर: माओवादी विचारधारा को छोड़ 03 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, कोंडागांव में बड़ी सफलता
🛑 ब्रेकिंग न्यूज़: कोंडागांव में 1 लाख इनामी महिला नक्सली सहित 03 माओवादियों ने किया सरेंडर
उजाला टुडे कोंडागांव 30 अक्टूबर 2025- कोंडागांव/बस्तर, छत्तीसगढ़ के कोंडागांव ज़िले में नक्सल विरोधी अभियानों को बड़ी सफलता मिली है। आज, खोखली माओवादी विचारधारा को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के उद्देश्य से एक महिला माओवादी सहित कुल तीन नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक, कोंडागांव के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में पूर्वी बस्तर डिवीजन सप्लाई टीम की सदस्य सिरबली उर्फ बत्ती कोर्राम शामिल हैं, जिन पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से 1 लाख का इनाम घोषित था।
प्रमुख जानकारी
- आत्मसमर्पण की तिथि: 30.10.2025
- स्थान: पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कोंडागांव।
- आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या: 03 (01 महिला सहित)।

- पहचान:
- सिरबली उर्फ बत्ती कोर्राम (पूर्वी बस्तर डिवीजन सप्लाई टीम सदस्य, 1 लाख इनामी)।
- जगत राम (डीएकेएमएस सदस्य, मातला सब)।
- लछछन (डीएकेएमएस सदस्य, किसकोड़ो सब)।
- तत्काल प्रोत्साहन राशि: छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत, आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को तत्काल 50,000/- (पचास हज़ार रुपये) की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
आत्मसमर्पण के कारण
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों के इस कदम के पीछे निम्नलिखित कारण मुख्य रहे:
- सुरक्षा बलों का दबाव: लगातार नक्सल विरोधी अभियान और नक्सलियों का मारा जाना।
- आंतरिक मतभेद: संगठन के भीतर बढ़ते अंतरविरोध और मतभेद।
- विकास कार्यों का प्रभाव: अंदरूनी इलाकों में सड़क, बिजली, परिवहन, और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का विस्तार।
- सरकारी नीतियाँ: छत्तीसगढ़ शासन की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025” और ‘लोन वर्राटू योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार।
- पारिवारिक जीवन की चाह: सुरक्षित और सम्मानित पारिवारिक जीवन-यापन की इच्छा।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका
पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पी. (भा.पु.से.) और पुलिस अधीक्षक, कोंडागांव पंकज चन्द्रा (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन में यह आत्मसमर्पण हुआ। इस सफलता में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल प्रभावित गाँवों में चलाए जा रहे ‘रिसीविंग एक्शन कार्यक्रम’ और सामुदायिक पुलिसिंग की अहम भूमिका रही।
आत्मसमर्पण के दौरान नितीश नाथ (द्वितीय कमाण्ड अधिकारी, 188वीं वाहिनी सीआरपीएफ), राजेश कुमार (द्वितीय कमाण्ड अधिकारी, 12वीं वाहिनी सीआरपीएफ) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
