
संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: कोंडागांव के मुलमुला में 1200 शौचालयों की राशि डकारने का आरोप! पूर्व सरपंच-उपसरपंच के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा; ₹1.44 करोड़ के गबन की आशंका
उजाला टुडे कोंडागांव 05 नवम्बर 2025- कोंडागांव स्वच्छ भारत मिशन और मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी सरकारी योजनाओं में बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कोंडागांव जिले की ग्राम पंचायत मुलमुला के सैकड़ों ग्रामीणों ने तत्कालीन सरपंच मुंगई मरकाम और उपसरपंच भारत देवांगन पर वर्ष 2014 से 2019 के कार्यकाल के दौरान 1200 हितग्राहियों के शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि हड़पने का संगीन आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए, न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार:
- ₹1.44 करोड़ का गबन का आरोप: वर्ष 2017-18 में लगभग 1200 हितग्राहियों के लिए प्रति शौचालय ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई थी, जिसका कुल मूल्य ₹1.44 करोड़ होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उपसरपंच भारत देवांगन ने पद का दुरुपयोग करते हुए यह राशि आहरित कर ली, लेकिन अधिकांश शौचालय आज भी अधूरे पड़े हैं।
- खुले में शौच को मजबूर ग्रामीण: राशि आहरण के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण ग्रामीण आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं, जो स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य को सीधे तौर पर विफल करता है।
- प्रोत्साहन राशि का फर्जीवाड़ा: जिन हितग्राहियों ने स्वयं अपने खर्च से शौचालय बनवा लिए, उन्हें भी ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई है, जबकि इसे कागजों पर निकाल लिया गया है।
- 14वें वित्त की राशि में भी धांधली: ग्रामीणों ने उपसरपंच पर फर्जी काम और बिल-वाउचर लगाकर 14वें वित्त योजना की राशि का भी अवैध आहरण करने का आरोप लगाया है, जिससे भ्रष्टाचार की परतें और गहरी होती दिख रही हैं।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
ग्रामीणों ने पूर्व में भी कलेक्टर जनदर्शन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें गहरा रोष है।
शिकायत पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यदि तत्काल कानूनी कार्रवाई करते हुए दोषी पदाधिकारियों पर एक्शन नहीं लिया गया और हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि नहीं दिलाई गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
