
संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
🚨 बड़ी खबर: कोंडागांव ‘जनदर्शन में निराशा,धान क्रय केंद्र नही खोलने पर चार पंचायतो के सेकड़ो किसान अब सड़क पर हल्ला बोल’!
कोंडागांव: फ़रसगांव के किसान आक्रोशित, 4 पंचायतों के लिए कबोंगा में धान क्रय केंद्र खोलने की मांग
📍 प्रभावित क्षेत्र: कोंडागांव जिले का फरसगांव विकासखंड।
➡️ मांग केंद्र: ग्राम कबोंगा।
उजाला टुडे कोंडागांव 07 नवम्बर 2025- कोंडागांव : धान की फसल खेतों में पककर तैयार खड़ी है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्रों (क्रय केंद्र) के न खुलने या अत्यधिक दूर होने के कारण फरसगांव विकासखंड के किसान गहरे संकट में घिर गए हैं। कोसागांव, कबोंगा, सिरसिकलार, और कुम्हार बड़गांव—इन चार ग्राम पंचायतों के सेकड़ो किसानों ने आज कोंडागांव के डी एन के मैदान पर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग है कि ग्राम कबोंगा में तत्काल नया धान खरीदी केंद्र खोला जाए।
❌ कलेक्टर जनदर्शन में भी ‘निराकरण शून्य’
किसानों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं है। वे कई बार अपनी पीड़ा लेकर कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में भी गए थे, लेकिन वहाँ उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिले और कोई ठोस कार्रवाई या त्वरित समाधान नहीं किया गया।
🗣️ किसान नेता दिनेश मरकाम (हांथीपखना) का बयान: “हमने जनदर्शन में कलेक्टर महोदया को अपनी पीड़ा बताई थी, पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब प्रशासन और सरकार हमारी नहीं सुनेंगे, तो हमें सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा। यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है।“
💰 आर्थिक मार: MSP पर लग रहा ‘घाटा’
- ⚠️ समस्या की जड़: किसानों का कहना है कि वर्तमान में क्रय केंद्र या तो बहुत दूर हैं, जिससे किसानों को अनावश्यक लंबा सफ़र तय करना पड़ रहा है, या फिर उनकी खरीद सीमा (लिमिट) बहुत कम है।
- 💸 बढ़ता ढुलाई खर्च: दूर ले जाने पर ढुलाई खर्च अत्यधिक बढ़ रहा है, जिसके कारण उनकी लागत बढ़ गई है और मुनाफ़ा घट गया है।
- बाज़ार की मजबूरी: मजबूरन, कई किसान अपनी फसल को समर्थन मूल्य से कम दाम पर बाज़ार में बेचने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
🔥 अल्टीमेटम: उग्र आंदोलन की चेतावनी
किसानों की प्रमुख माँगें स्पष्ट हैं:
- ग्राम कबोंगा में तत्काल नया धान क्रय केंद्र खोला जाए।
- मौजूदा केंद्रों की खरीद सीमा (लिमिट) तुरंत बढ़ाई जाए।
- किसानों को बिना किसी परेशानी के MSP पर धान बेचने की व्यवस्था की जाए।
किसानों ने साफ़ चेतावनी दी है कि तत्काल उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे और इसकी पूरी ज़िम्मेदारी स्थानीय कोंडागांव प्रशासन और शासन की होगी।

