
संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: माओवादियों के सबसे बड़े चेहरे ‘माडवी हिडमा’ का खात्मा! 6 नक्सली ढेर
💥 नक्सल विरोधी अभियान में ऐतिहासिक सफलता
उजाला टुडे कोंडागांव 18 नवम्बर 2025- कोंडागांव/अल्लूरी सुरक्षा बलों को आज नक्सल विरोधी अभियान में एक ऐतिहासिक और निर्णायक सफलता हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर अल्लूरी सीताराम राजू जिले में हुई एक भीषण मुठभेड़ में माओवादियों के सेंट्रल कमेटी के शीर्ष सदस्य माडवी हिडमा सहित कुल छह माओवादियों को मार गिराया गया है।
👑 कौन था माडवी हिडमा?
माडवी हिडमा कोई सामान्य नक्सली नहीं था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन के लिए आतंक का सबसे बड़ा चेहरा था।
- पद और पहचान: वह माओवादियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था, जो संगठन के भीतर सबसे ऊंचे पदों में से एक है।
- सैन्य कमांडर: वह पूर्व में दुर्दांत पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का कमांडर रहा, जो बस्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में सबसे घातक हमलों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार थी।
- प्रभाव क्षेत्र: सुरक्षा बलों के अनुसार, हिडमा का आतंक सिर्फ बस्तर या छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि वह संपूर्ण भारतवर्ष में माओवादी संगठन की आतंकी गतिविधियों का मुख्य चेहरा था।
⚔️ ऑपरेशन और बरामदगी
यह एनकाउंटर 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश पुलिस और सुरक्षा बल के संयुक्त अभियान में हुआ।
- मुठभेड़ के बाद, सुरक्षा बलों ने छह माओवादियों के शव बरामद किए हैं।
- मारे गए लोगों में हिडमा के साथ उसकी पत्नी राजे भी शामिल है, जो संगठन में सक्रिय थी।
- मौके से एक AK-47 राइफल सहित भारी मात्रा में अन्य हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं।
📢 पुलिस की चेतावनी: हिंसा छोड़ो, मुख्यधारा में आओ
सुरक्षा बलों के अधिकारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए इसे नक्सलवाद के खिलाफ युद्ध में एक बड़ा मोड़ बताया।
”आज का घटनाक्रम नक्सलवाद के खिलाफ हमारे अभियान में काफी निर्णायक है। हम शेष माओवादी कैडरों को अंतिम चेतावनी देते हैं। उनके पास अब सिर्फ एक ही विकल्प है— हिंसा को त्याग कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो जाएं, अन्यथा उन्हें हमारे अभियान का परिणाम भुगतना पड़ेगा।“
हिडमा के खात्मे को माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।
