संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
🌳 दमित सपनों का पुनर्जागरण: बस्तर की ‘माटी’ का कोडागाँव में शानदार प्रीमियर! 🎬
उजाला टुडे कोंडागांव 22 नवम्बर 2025- कोंडागांव। 21 नवंबर को किशोर टाकीज कोंडागांव में बस्तर की आत्मा को अभिव्यक्त करती बहुचर्चित फिल्म ‘माटी’ का भव्य शुभारंभ और प्रीमियर शो आयोजित किया गया। सर्व समाज द्वारा आयोजित इस विशेष प्रदर्शन ने बस्तर की उन दमित प्रतिभाओं और संघर्षों को आवाज़ दी, जिन्हें दशकों तक नक्सलवाद के साए ने दबा रखा था।
मुख्य अतिथि लता उसेंडी ने किया शुभारंभ
फिल्म का शुभारंभ बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव की लोकप्रिय विधायक लता उसेंडी ने किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेडी, भाजपा नेता दीपेश अरोरा और सर्व समाज के संरक्षक शांतिलाल सुराना सहित कई गणमान्य नागरिक, समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि और पत्रकार उपस्थित रहे।
“ट्री मैन” संपत झा का संदेश: बस्तर केवल हिंसा नहीं, सपनों की भूमि है
फिल्म ‘माटी’ के लेखक-निर्माता संपत झा, जिन्हें बस्तर में “ट्री मैन” के नाम से जाना जाता है, ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बस्तर की एक मुखर अभिव्यक्ति है। झा ने कहा, “बस्तर केवल हिंसा का भूगोल नहीं है, यह संवेदनाओं, संघर्षों और सपनों की भूमि है।”
फिल्म का मूल भाव:
- ’माटी’ उन अनजान नायकों को पहचान देने का प्रयास है, जिन्होंने शांति और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, पर इतिहास के पन्नों में कहीं दर्ज नहीं हैं।
- झा ने जोर देकर कहा कि बस्तर में शांति तभी आएगी जब हर नागरिक खुद को इस ‘माटी का रखवाला’ समझेगा।
- फिल्म में बस्तर की संस्कृति, संघर्ष और अनुपम सुंदरता को गहराई से महसूस किया गया है, जो उन सबकी आवाज़ है जिसे दबा दिया गया था।
यह फिल्म बस्तर की उन अप्रकट प्रतिभाओं के सपनों का पुनर्जागरण है, जो अब तक हिंसा के कारण कुचले गए थे, और अब सिनेमा के पर्दे पर बस्तर का मान बढ़ा रही है।





