
संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
💥 ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ NHM कर्मचारियों का संकट गहराया – दो माह से वेतन नहीं, बर्खास्तगी बहाली भी लंबित
16,000 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में गहरा असंतोष; मुख्यमंत्री के आश्वासन पर उठे सवाल
उजाला टुडे कोंडागांव 27 नवम्बर 2025- छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16,000 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी गंभीर सामाजिक-आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके कारण उनके लिए परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना और किराया/बैंक किस्तों का भुगतान करना मुश्किल हो गया है। इस स्थिति से कर्मचारियों में मानसिक तनाव और आक्रोश तेजी से बढ़ रहा है।
आश्वासन के बावजूद बहाली अटकी: तीन कैबिनेट बैठकें हुईं, आदेश नहीं
वेतन संकट के अलावा, एनएचएम कर्मचारियों में सबसे बड़ा असंतोष हालिया आंदोलन के दौरान बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की बहाली को लेकर है। संघ का कहना है कि आंदोलन की समाप्ति मुख्यमंत्री, माननीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के स्पष्ट और सार्वजनिक आश्वासन पर हुई थी, जिसमें बर्खास्त कर्मचारियों की निःशर्त बहाली की बात कही गई थी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के अनुसार, इस विषय को कैबिनेट बैठक में पूरा करने पर सहमति बनी थी। हालांकि, दो माह से अधिक समय बीत चुका है और इस दौरान तीन कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन आज तक बहाली आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी और प्रदेश महासचिव कौशलेश तिवारी ने इस स्थिति पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आंदोलन सरकार के प्रति विश्वास और सद्भावना के साथ समाप्त किया गया था, लेकिन आश्वासन पूरा न होना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है।
प्रमुख माँगें और विरोध प्रदर्शन
वर्तमान में कर्मचारियों की प्रमुख माँगें निम्नलिखित हैं:
- दो माह से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए।
- आंदोलन के दौरान सेवा से पृथक किए गए सभी कर्मचारियों की तत्काल बहाली किया जाएँ।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने बताया कि राज्य भर के 16,000 एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी इन मांगों को लेकर अपने-अपने जिलों में कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप रहे हैं और शासन को समस्याओं से अवगत करा रहे हैं।
कर्मचारियों ने शासन से तत्काल इस विषय पर ध्यान देने और उनके हितों की रक्षा करने की अपील की है, अन्यथा यह असंतोष एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।




