संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर: 50 लाख के बीमा के लिए पुतले का अंतिम संस्कार!
उजाला टुडे कोंडागांव 28 नवम्बर 2025- हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। दिल्ली के दो कपड़ा व्यापारियों ने लालच की सारी हदें पार करते हुए एक चौंकाने वाली साजिश को अंजाम देने की कोशिश की। दोनों ने मिलकर 50 लाख रुपये का बीमा क्लेम करने के लिए, हापुड़ के बृजघाट गंगा नगरी (गढ़मुक्तेश्वर) के श्मशान घाट पर एक प्लास्टिक के पुतले का अंतिम संस्कार करने की योजना बनाई। हालांकि, घाट कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता से उनका यह घिनौना प्लान सफल नहीं हो सका और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
🚨 घटना का विवरण
- जगह: बृजघाट गंगा नगरी (गढ़मुक्तेश्वर), हापुड़, उत्तर प्रदेश।समय: बृहस्पतिवार दोपहर (नवंबर 2025)।
- आरोपी:कमल सोमानी (कपड़ा व्यापारी, करोल बाग, दिल्ली)।आशीष खुराना (कमल सोमानी का दोस्त और साथी)।
- प्लान: कमल सोमानी ने कथित तौर पर अपने नौकर के भाई अंशुल कुमार के नाम पर 50 लाख रुपये का बीमा कराया था। योजना थी कि पुतले का अंतिम संस्कार कर दिया जाए, जिससे उन्हें श्मशान घाट से रसीद और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का आधार मिल जाए। इसके बाद, वह बीमा कंपनी से 50 लाख रुपये का क्लेम हासिल कर लेते।
🪆 पुतले का पर्दाफाश
बृहस्पतिवार की दोपहर कमल सोमानी और आशीष खुराना एक कार में पुतले को लेकर ब्रजघाट पहुँचे। उन्होंने पुतले को शव की तरह सफेद कपड़े में लपेटकर और सील करके रखा था, जिसका चेहरा ढका हुआ था।
- शक: श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान, पंडितों और घाट के कर्मचारियों को संदेह हुआ, जब उन्होंने अंतिम स्नान और कपड़े बदलने की रस्म शुरू करने के लिए शव (पुतले) को खोला।
- खुलासा: कपड़ा हटाते ही पता चला कि अर्थी पर मानव आकार का एक डमीनुमा प्लास्टिक का पुतला रखा है। इस पुतले में प्लास्टिक की हड्डियाँ, कपड़े और वजन बढ़ाने के लिए रेत भरी हुई थी।
- भागने की कोशिश: भंडाफोड़ होते ही दोनों व्यापारी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन आस-पास खड़े लोगों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
- पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों कमल सोमानी और आशीष खुराना को हिरासत में ले लिया।
💸 साजिश का कारण
पुलिस की पूछताछ में कमल सोमानी ने कबूल किया कि वह दिल्ली के करोल बाग में कपड़े की दुकान चलाता है और उस पर लगभग 50 से 55 लाख रुपये का भारी कर्ज हो गया था। दुकान लगातार घाटे में चल रही थी और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा था। इस कर्ज को चुकाने के लिए ही उसने अपने दोस्त आशीष खुराना के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की साजिश रची थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

