संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव कांग्रेस में गुटबाजी तोड़ने का संकल्प: रवि घोष तीसरी बार बने जिला अध्यक्ष, बीजेपी को घेरने की नई रणनीति
उजाला टुडे कोंडागांव 29 नवम्बर 2025-कोंडागांव : प्रदेश कांग्रेस द्वारा हाल ही में जारी की गई जिला अध्यक्षों की सूची में कोंडागांव की कमान एक बार फिर अनुभवी नेता रवि घोष को सौंपी गई है। यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा, लेकिन इस बार उनकी राह संगठनात्मक चुनौतियों से भरी है। संगठन के भीतर गुटबाजी, निचले स्तर के कार्यकर्ताओं की नाराजगी, और कहीं-कहीं संगठनात्मक ढीलापन प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं।
संगठन सुधार की प्राथमिकता: ‘टीम बड़ी होती है, अकेला कोई नहीं’
अपनी नियुक्ति के बाद, रवि घोष ने चुनौतियों को स्वीकार किया। उन्होंने दबी जुबान से “थोड़ा बहुत” गुटबाजी होने की बात मानी है। हालांकि, उन्होंने तुरंत भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बुजुर्ग कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर इस आंतरिक कलह को खत्म करेंगे।
कार्यकर्ताओं के असंतोष पर उन्होंने स्पष्टता से कहा कि जीत के बाद नेताओं का कार्यकर्ताओं से दूरी बनाना और फोन न उठाना असंतोष पैदा करता है। घोष ने इस बात पर जोर दिया कि वह स्वयं हमेशा कार्यकर्ताओं से जुड़े रहते हैं और टीमवर्क ही उनकी रणनीति का केंद्र है। उन्होंने कहा, “टीम बड़ी होती है, अकेला कोई बड़ा नहीं होता।”
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी पर उन्होंने कहा कि “बहुत सावन देखे हैं” और आपसी तालमेल के साथ कांग्रेस इस बार भी जीत दर्ज करेगी। नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के संज्ञान में रखकर की जाएगी।
बीजेपी सरकार पर सीधा हमला: धान, बिजली और ग्रामीण योजनाएँ
जिला अध्यक्ष का कार्यभार संभालते ही रवि घोष ने राज्य की बीजेपी सरकार पर आक्रामक रुख अपनाया है।
- धान खरीदी पर सवाल: उन्होंने धान खरीदी की नई व्यवस्था और पोर्टल को किसानों के हितों के खिलाफ बताया। उनका आरोप है कि नया पोर्टल जानबूझकर बनाया गया है ताकि सरकार कम मात्रा में धान की खरीदी करे।
- महंगाई और कृषि: उन्होंने यूरिया खाद के बढ़ते दामों पर चिंता व्यक्त की और इस मुद्दे पर बीजेपी की चुप्पी पर सवाल उठाए।
- बिजली बिल हाफ योजना: उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ’ योजना की तुलना वर्तमान सरकार की 200 यूनिट योजना से करते हुए इसे अपर्याप्त करार दिया। स्मार्ट मीटर लगाने को भी उन्होंने जनता के लिए एक नई समस्या बताया।
- ग्रामीण योजनाओं का बंद होना: घोष ने गौठान में गोबर खरीदी, वनोपज और अन्य ग्रामीण केंद्रित योजनाओं को बंद किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है।
घोष ने घोषणा की है कि वह इन सभी जन-विरोधी मुद्दों को राज्य नेतृत्व के साथ उठाएंगे और गांव-गांव में नुक्कड़ सभा और प्रदर्शन आयोजित करके जनता की आवाज को बुलंद करेंगे।

