संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
भीषण ठंड में ‘रानी दुर्गावती लोक कल्याण समिति’ बनी सहारा, कोंडागांव के दूरस्थ क्षेत्रों में बाँटे गरम कपड़े
उजाला टुडे कोंडागांव 4 दिसम्बर 2025- कोंडागांव: बस्तर संभाग में कड़ाके की ठंड के बीच, जनसेवा के लिए समर्पित रानी दुर्गावती लोक कल्याण समिति ने एक मानवीय पहल करते हुए जरूरतमंदों को राहत पहुँचाई है। पिछले पाँच वर्षों से लगातार समाजहित में कार्य कर रही इस समिति ने 3 दिसंबर की सर्द रात को, जब पारा तेजी से गिर रहा था, कोंडागांव जिले के अंदरूनी और दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर गरम कपड़ों का वितरण किया।
देर रात तक चला सेवा कार्य
ठंड अपने चरम पर होने के कारण कई निर्धन परिवारों के लिए रात गुजारना मुश्किल हो गया था। इसे देखते हुए, समिति के सदस्यों ने देर रात 9:00 बजे तक सक्रिय रूप से गाँव-गाँव जाकर उन लोगों की पहचान की और उन्हें गरम वस्त्र प्रदान किए जिनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं थे। यह पहल उन असहाय लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी।
अध्यक्ष रितेश कोर्राम ने जताया आभार
संस्था के अध्यक्ष रितेश कोर्राम ने इस सेवा कार्य के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि “हमारी समिति निरंतर समाजहित में छोटे-छोटे प्रयास करती रहती है। कड़ाके की ठंड को देखते हुए इस बार भी हमने गरम कपड़े बाँटे।” उन्होंने बताया कि इससे पहले भी समिति कई जरूरतमंद परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुँचाती रही है।
कोर्राम ने वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मनीष देवांगन के मार्गदर्शन और सहयोग को अमूल्य बताया और उनका हृदय से आभार व्यक्त किया।
‘समाज तभी आगे बढ़ता है जब लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं’
रितेश कोर्राम ने समाज के सक्षम लोगों से अपील करते हुए कहा कि, “समाज के हर सक्षम व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने आसपास ऐसे लोगों को खोजे जिन्हें सहायता की जरूरत है, और अपनी ओर से यथासंभव सहयोग करे। समाज तभी आगे बढ़ता है जब लोग एक-दूसरे की मदद के लिए हाथ बढ़ाते हैं।“
सेवा दल की सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण वितरण कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष रितेश कोर्राम के साथ, युवराज, ललित पटेल, साहिल रामटेक, हरीश पटेल, तथा संजय दास मानिकपुरी ने पूरी लगन और समर्पण के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी की।
रानी दुर्गावती लोक कल्याण समिति का यह प्रयास न केवल सामाजिक दायित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि मानवीय संवेदनाएँ और सहयोग की भावना ही किसी समाज की असली ताकत होती है।

