संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
बस्तर में स्वास्थ्य आपातकाल: 12 महीने से CRMC नहीं मिला; डॉक्टर हड़ताल पर, OPD ठप्प, मरीज़ों की साँसें अटकीं
उजाला टुडे कोंडागांव 15 दिसम्बर 2025- बस्तर संभाग, छत्तीसगढ़: बस्तर संभाग के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आज सोमवार 15 दिसंबर 2025 को अपनी लंबित नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि (CRMC) के भुगतान को लेकर एक बड़ा कदम उठाया, जिसके कारण ज़िला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तक की सभी OPD सेवाएँ पूरी तरह से ठप्प हो गईं।

यह हड़ताल पिछले 12 महीनों से CRMC राशि का भुगतान न होने के विरोध में की गई है।
संभाग भर में ज़बरदस्त प्रदर्शन
नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव और बस्तर (जगदलपुर) सहित पूरे संभाग में एक साथ स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित रहीं।
- विरोध प्रदर्शन: डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, आरएमए (RMA) और एएनएम (ANM) ने सरकार की उदासीनता के ख़िलाफ़ एकजुट होकर नारेबाज़ी की और तत्काल भुगतान की मांग की।
- सबसे ज़्यादा परेशानी: दूर-दराज़ और आदिवासी क्षेत्रों से आए हज़ारों मरीज़ों को बिना इलाज लौटना पड़ा, जिससे उनके सामने स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया।
स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार को दी खुली चेतावनी
विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने जनता के प्रति संवेदना ज़ाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने एक साल तक इंतज़ार किया, लेकिन बार-बार के झूठे आश्वासनों ने उन्हें यह अंतिम उपाय अपनाने पर मजबूर कर दिया।
मांग: “हमारा एकमात्र उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि अपने वैधानिक अधिकार की प्राप्ति है। हम चाहते हैं कि चल रहे विधानसभा सत्र में स्वास्थ्य मंत्री तत्काल भुगतान आदेश जारी करें।”
आंदोलन तेज़ करने की धमकी
फिलहाल आपातकालीन और जीवन-रक्षक सेवाओं में कोई बाधा नहीं डाली गई है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों ने चेतावनी दी है:
- यदि सरकार ने शीघ्र ही मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आपातकालीन सेवाएँ, एमएलसी (MLC) और पोस्टमार्टम कार्यों को भी प्रभावित करने का कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे।
- भुगतान होते ही सभी सेवाएँ तुरंत जनहित में पुनः प्रारंभ कर दी जाएंगी।
बस्तर की यह स्थिति राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।




