संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
मोदी की गारंटी पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी हल्लाबोल: 29 दिसंबर से छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी दफ्तरों में लटकेगा ताला
कोंडागांव सहित पूरे प्रदेश में 5 लाख कर्मचारी-अधिकारी तीन दिवसीय हड़ताल पर, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चौपाटी मैदान में गूंजेगा नारा
उजाला टुडे कोंडागांव 27 दिसम्बर 2025- कोंडागांव: छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों के पूरा न होने से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले आगामी 29 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश के सभी 120 संगठनों से जुड़े लगभग 5 लाख कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस आंदोलन के चलते प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल और अस्पताल पूर्णतः बंद रहेंगे।
सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग
(जिला संयोजक शिवराज ठाकुर)
कोंडागांव जिला संयोजक शिवराज ठाकुर ने बताया कि विधानसभा चुनाव के पूर्व भाजपा ने कर्मचारियों से वादा किया था कि सरकार बनते ही उनकी सभी लंबित मांगें पूरी की जाएंगी। लेकिन सरकार गठन के लंबे समय बाद भी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में कर्मचारी अब कोंडागांव के चौपाटी मैदान में विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
क्या हैं प्रमुख 11 सूत्रीय मांगें?
फेडरेशन ने शासन के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:
- महंगाई भत्ता (DA): केंद्र के समान देय तिथि से एरियर राशि सहित डीए का भुगतान।
- वेतन विसंगति: लिपिकों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों की वेतन विसंगति दूर करने हेतु ‘पिगुआ कमेटी’ की रिपोर्ट सार्वजनिक करना।
- समयमान वेतनमान: 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर चार स्तरीय पदोन्नत समयमान।
- कैशलेस सुविधा: अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा।
- अनुकंपा नियुक्ति: 10% की सीमा (सीलिंग) हटाकर शत-प्रतिशत पदों पर बिना शर्त नियुक्ति।
- सेवानिवृत्ति: विभागों में मैनपावर की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करना।
- नियमितीकरण: संविदा, दैनिक वेतन भोगी और अनियमित कर्मचारियों को नियमित पदस्थापना देना।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सहसंयोजक निर्मल शार्दुल ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का तीसरा चरण है। इससे पहले 16 जुलाई और 22 अगस्त 2025 को भी ज्ञापन सौंपकर सरकार को आगाह किया गया था।
यदि इस तीन दिवसीय आंदोलन के बाद भी शासन मांगों को नजरअंदाज करता है, तो प्रदेश भर के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कोंडागांव में तैयारी पूरी
जिले में आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी 33 संगठनों के पदाधिकारी सक्रिय हैं। जिला मीडिया प्रभारी पवन कुमार साहू ने बताया कि कार्यालयों में जाकर कर्मचारियों से आवेदन भरवाए जा रहे हैं। जिले के समस्त कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में काम-काज पूरी तरह ठप रखने की तैयारी कर ली गई है।






