संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव: ‘तलवार नहीं, कलम उठाएं’— साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए भाकपा ने शुरू किया ‘पेन अभियान’
उजाला टुडे कोंडागांव 18 जनवरी 2026- कोंडागांव। देश में बढ़ती कट्टरता और साम्प्रदायिक तनाव के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) जिला परिषद कोंडागांव ने एक अनोखी पहल शुरू की है। पार्टी ने ‘कलम (पेन) अभियान’ का आगाज़ किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य हथियारों की राजनीति के बजाय शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज में शांति स्थापित करना है।
शिक्षा को बनाया हथियार
भाकपा द्वारा जारी पोस्टर में इस बात पर चिंता जताई गई है कि कुछ कट्टरपंथी संगठन देश की एकता और अखंडता को तोड़ने के लिए युवाओं के हाथों में तलवारें और बंदूकें थमा रहे हैं। इसके जवाब में पार्टी का मानना है कि हिंसा का मुकाबला हिंसा से नहीं, बल्कि वैचारिक मजबूती और शिक्षा से ही संभव है।
अभियान के मुख्य बिंदु:
- कलम बनाम तलवार: पार्टी ने आह्वान किया है कि संविधान को मानने वाले नागरिक हाथों में हथियार उठाने के बजाय कलम उठाएं।
- अज्ञानता ही असली खतरा: पोस्टर के अनुसार, असली खतरा अज्ञानता और अशिक्षा है, जो लोगों को भड़काने में मदद करती है। एक शिक्षित समाज ही साज़िशों का मुकाबला कर सकता है।
- नुक्कड़ सभाएं: इस अभियान के तहत भाकपा हर चौक-चौराहे, बाज़ारों और गांवों में छोटी-छोटी सभाएं आयोजित करेगी, जहाँ लोगों को शिक्षा का संदेश दिया जाएगा।
जनता से अपील
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद कोंडागांव ने आम जनता से इस अभियान में जुड़ने की अपील की है। पार्टी का नारा है: “शिक्षा की ताकत से साम्प्रदायिक सौहार्द बचाएं।” उन्होंने लोगों से अपने पड़ोस में शिक्षा का प्रकाश फैलाने और देश को मजबूत बनाने के लिए कलम उठाने का आग्रह किया है।
पार्टी के जिला परिषद पदाधिकारियों का कहना है कि तलवार से मिलने वाली ताकत केवल एक भ्रम है जो विनाश लाती है, जबकि शिक्षा वह नींव है जिस पर एक समृद्ध और शांतिपूर्ण भारत का निर्माण किया जा सकता है।
पत्रकारों को कलम भेंट कर किया सम्मान
अभियान की शुरुआत एक प्रतीकात्मक और सकारात्मक संदेश के साथ हुई। CPI प्रतिनिधियों ने उपस्थित प्रेस प्रतिनिधियों को कलम (पेन) भेंट की। पत्रकारों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता की दिशा में एक जरूरी कदम बताया।
इस अवसर पर कोंडागांव जिला सचिव शैलेश शुक्ला, सहायक सचिव दिनेश मरकाम, प्रेस क्लब अध्यक्ष सुरेंद्र सोनपिपरे सहित जिले के अनेक पत्रकार और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निष्कर्ष संदेश: CPI का यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि भारत की एकता को अक्षुण्ण रखने का एकमात्र रास्ता ‘शिक्षा और संवाद’ है। पार्टी ने अंत में जनता से आह्वान किया— “आइए कलम उठाएं और भारत को मजबूत बनाएं।”



