संपादक,संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शामपुर माकड़ी में प्रथम ‘वार्षिक उत्सव’ की धूम: सुश्री लता उसेंडी ने बढ़ाया छात्रों का उत्साह
उजाला टुडे कोंडागांव 31 जनवरी 2026- कोंडागांव: जिले के शामपुर माकड़ी स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) में शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को प्रथम वार्षिक उत्सव का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। विद्यालय की प्राचार्या चंद्रकिरण तिवारी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस पहले वार्षिकोत्सव ने अपनी भव्यता से क्षेत्र में एक नई छाप छोड़ी है।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट जनों की गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लता उसेंडी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक, कोंडागांव) उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के साथ-साथ सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।
कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट हस्तियों ने भी शिरकत की:
- गेस्ट ऑफ ऑनर: नरपति पटेल (अध्यक्ष, नगर पालिका कोंडागांव)
- विशेष अतिथि: नूपुर राशि पन्ना (IAS, जिला कलेक्टर), अविनाश भोई (सीईओ, जिला पंचायत) और कृपेंद्र तिवारी (सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग)।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
वार्षिक उत्सव के दौरान मंच पर छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति, देशभक्ति और सामाजिक संदेशों पर आधारित नाटकों की प्रस्तुति दी गई। विद्यार्थियों के नृत्य और कलात्मक प्रदर्शन ने उपस्थित
जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि छात्रों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ।
प्राचार्या के नेतृत्व में बदल रही विद्यालय की तस्वीर
समारोह के दौरान विद्यालय की कायाकल्प की भी चर्चा रही। उल्लेखनीय है कि प्राचार्या चंद्रकिरण तिवारी ने महज कुछ ही माह पूर्व कार्यभार संभाला है, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने विद्यालय की अनुशासन व्यवस्था, शैक्षणिक वातावरण और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में जो सकारात्मक बदलाव किए हैं, उसकी अतिथियों और अभिभावकों ने जमकर प्रशंसा की।
”यह वार्षिकोत्सव विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को न केवल बेहतर शिक्षा देना है, बल्कि उन्हें एक सुसंस्कृत नागरिक बनाना भी है।”
— चंद्रकिरण तिवारी, प्राचार्या
कार्यक्रम के अंत में मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया गया। इस सफल आयोजन ने शांपुर माकड़ी ईएमआरएस की सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।



