संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
सावधान! साइबर ठगों के ‘म्यूल अकाउंट’ पर कोंडागांव पुलिस की पैनी नजर; वाई-फाई प्रोवाइडर्स और चॉइस सेंटर संचालकों की ली गई बैठक
उजाला टुडे कोंडागांव 05 फरवरी 2026- कोण्डागांव: क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराध में इस्तेमाल हो रहे बैंक खातों के प्रति जागरूकता लाने हेतु कोण्डागांव पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार आज साइबर सेल कार्यालय में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला सह बैठक का आयोजन किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा एवं उप पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र पुजारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय व उनकी टीम ने जिले के सभी वाई-फाई प्रोवाइडर्स, कंप्यूटर सेंटर और चॉइस सेंटर संचालकों को साइबर सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए।
म्यूल अकाउंट और पब्लिक वाई-फाई का बढ़ता खतरा
बैठक के दौरान साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि अपराधी अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए पब्लिक वाई-फाई का सहारा लेते हैं। इसके अलावा, ठगी की रकम को खपाने के लिए चॉइस सेंटरों के बैंक खातों का उपयोग ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में कर रहे हैं। कंप्यूटर सेंटरों का दुरुपयोग भी कई तरह के डिजिटल अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा जारी महत्वपूर्ण गाइडलाइन्स:
बैठक में संचालकों को साइबर अपराध से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय करने के सख्त निर्देश दिए गए:
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- वाई-फाई सुरक्षा: अपने वाई-फाई का पासवर्ड हमेशा मजबूत रखें और इसे समय-समय पर बदलते रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ इंटरनेट पासवर्ड साझा न करें।
- रजिस्टर मेंटेनेंस: चॉइस सेंटर संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे रकम की जमा और निकासी का पूरा हिसाब एक रजिस्टर में दर्ज करें।
- उपयोगकर्ता की पहचान: कंप्यूटर सेंटर में आने वाले हर उपयोगकर्ता की जानकारी और समय का रिकॉर्ड रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग मिल सके।
- सजगता: किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन या गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर सेल को दें।
”साइबर अपराधी तकनीक का सहारा लेकर आम जनता की मेहनत की कमाई पर सेंध लगा रहे हैं। चॉइस सेंटर और वाई-फाई प्रदाताओं की सजगता ही इन अपराधियों के मंसूबों को नाकाम कर सकती है।”
— साइबर सेल, कोण्डागांव पुलिस


