संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
गिरौदपुरी धाम मेले में बस्तर संभाग अध्यक्ष धंसराज टंडन का सम्मान; कलेक्टर दीपक सोनी ने ढोकरा शिल्प जैतखाम की प्रशंसा की
उजाला टुडे कोंडागांव 26 फरवरी 2026- गिरौदपुरी: मानवता और समरसता का संदेश देने वाले परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा की जन्मस्थली गिरौदपुरी धाम में आयोजित तीन दिवसीय भव्य मेले (22-24 फरवरी 2026) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस पावन अवसर पर प्रगतिशील सतनामी समाज छत्तीसगढ़ द्वारा सामाजिक एकजुटता और सेवा के लिए सतनामी समाज बस्तर संभाग के अध्यक्ष धंसराज टंडन को प्रमाण पत्र एवं श्रीफल भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कलेक्टर ने सराहा कोण्डागाँव का ढोकरा शिल्प
मेले के दौरान संभाग अध्यक्ष धंसराज टंडन ने बलौदाबाजार-भाटापारा के कलेक्टर दीपक सोनी से मुलाकात की। टंडन ने कलेक्टर को कोण्डागाँव की प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प कला से निर्मित विश्व के प्रथम सबसे ऊँचे जैतखाम की प्रतिकृति भेंट की। कलाकृति की बारीकियों को देखकर कलेक्टर सोनी मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने कहा:
”मैने विभिन्न माध्यमों से जैतखाम की कलाकृतियां देखी हैं, लेकिन ढोकरा शिल्प में ऐसी कला पहली बार देख रहा हूँ। यह अत्यंत सुंदर है और इसे म्यूजियम में रखा जाना चाहिए।”
लाखों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था
विश्व प्रसिद्ध इस मेले में छत्तीसगढ़ सहित देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। आस्था के केंद्र कुतुबमीनार से भी ऊँचे जैतखाम पर धर्मगुरुओं द्वारा सफेद ध्वजा (पाले) चढ़ाई गई और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की गई। मेले में श्रद्धालुओं की भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहाँ बच्चे, बुजुर्ग और युवा मुख्य द्वार से मंदिर तक ‘भुइयां नापते’ (दंडवत प्रणाम) हुए पहुंचे।
सांस्कृतिक और सामाजिक समागम
प्रगतिशील सतनामी समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केवल सामाजिक जनों का ही नहीं, बल्कि मेला व्यवस्था में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, लोक कलाकारों और साहित्यकारों का भी सम्मान किया गया।
- कला और संगीत: राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कलाकारों ने पंथी नृत्य और भजनों के माध्यम से बाबा जी के ‘मनखे-मनखे एक बरोबर’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया।
- उत्तम व्यवस्था: जिला प्रशासन और मेला समिति द्वारा पेयजल, भोजन भंडारा, पार्किंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसकी समाज ने सराहना की।



