संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोण्डागांव में ‘लकड़ी कांड’ पर बवाल: तस्करी में घिरी भाजपा नेत्री, सच दिखाने वाले पत्रकारों पर कराई FIR; ‘आप’ का फूटा गुस्सा
“सत्ता के नशे में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं”— AAP ने दी छत्तीसगढ़ सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी, उच्च स्तरीय जांच की मांग
उजाला टुडे कोंडागांव 25 मई 2026-छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में लकड़ी तस्करी के एक बड़े खेल और सत्ता के रसूखदार चेहरों द्वारा मीडिया की आवाज दबाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की नाक के नीचे चल रहे अवैध कटाई के इस काले कारोबार का पर्दाफाश करने वाले पत्रकारों पर ही उल्टा मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इस घटना के बाद से इलाके में सियासी पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सीधे तौर पर सत्ताधारी दल को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

रसूख के दम पर सच दबाने की कोशिश: क्या है पूरा विवाद?
मामला कोण्डागांव का है, जहाँ पिछले लंबे समय से आम, इमली और सेमल जैसे कीमती पेड़ों की अंधाधुंध अवैध कटाई की जा रही है। माफियाओं द्वारा इन कीमती लकड़ियों को अवैध तरीके से रायपुर की मिलों में खपाया जा रहा था।
हाल ही में जिले के कुछ सजग पत्रकारों ने हिम्मत दिखाते हुए इमारती लकड़ी से भरे एक अवैध ट्रक को रुकवाया और वन विभाग को इसकी सूचना देकर उसे पकड़वा दिया। लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ। आरोप है कि यह अवैध ट्रक भाजपा की स्थानीय नेत्री जूही तिवारी का था। अपनी गर्दन फंसती देख, सत्ता के नशे में चूर नेत्री ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उल्टा सच दिखाने वाले पत्रकारों पर ही ‘अवैध वसूली’ की झूठी और मनगढ़ंत FIR दर्ज करवा दी।
“AC कमरों में सो रहा है वन विभाग, भीषण गर्मी से बेहाल है जनता”
आम आदमी पार्टी के कोण्डागांव जिलाध्यक्ष सुकू नाग ने इस दमनकारी कार्रवाई पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
“पैसे की अंधी होड़ में रसूखदार लोग जिले के पर्यावरण को तबाह कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों से पेड़ गायब हो रहे हैं, जिसके कारण जिले का तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। जनता भीषण गर्मी में तड़प रही है, लेकिन वन विभाग के अधिकारी अपने AC कमरों में कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। तस्करों को अधिकारियों का खुला संरक्षण मिला हुआ है।”
‘आप’ ने सरकार के सामने रखीं 4 बड़ी मांगें:
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ मजबूती से खड़े होने का दावा करते हुए आम आदमी पार्टी ने प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और निम्नलिखित मांगें की हैं:
निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच: इस पूरे लकड़ी तस्करी नेटवर्क और वन संपदा की लूट की जांच किसी उच्च स्तरीय निष्पक्ष एजेंसी से तुरंत कराई जाए।
पत्रकारों पर दर्ज झूठी FIR हो रद्द: सच को सामने लाने वाले पत्रकारों पर दर्ज राजनीति से प्रेरित मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए और उन्हें सुरक्षा दी जाए।
लापरवाह अधिकारियों पर हो एक्शन: पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले दोषियों के साथ-साथ उन्हें शह देने वाले वन विभाग के लापरवाह अधिकारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
भाजपा नेत्री का हो निष्कासन: ‘आप’ ने तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा खुद को अनुशासित पार्टी कहती है, तो आरोपी नेत्री जूही तिवारी को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करे।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
‘आप’ जिलाध्यक्ष सुकू नाग ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो आम आदमी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। जनता के हक और पर्यावरण की रक्षा के लिए पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
