संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव

नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब अन्य विभागों में भी अनुकम्पा नियुक्ति का विकल्प
रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों के लिए एक बड़ा और मानवीय निर्णय लिया है। अब इन शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति के लिए केवल पुलिस विभाग तक ही सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि वे अपनी पसंद के किसी भी सरकारी विभाग में नियुक्ति का विकल्प चुन सकेंगे। यह महत्वपूर्ण संशोधन “एकजाई पुनरीक्षित अनुकम्पा नियुक्ति निर्देश-2013” की कंडिका 13(3) में किया गया है, जिसे हाल ही में मंत्रिपरिषद ने अपनी मंजूरी दी है।
शहीदों के परिवारों को सम्मान और सुविधा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि शहीद हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं, और उनके परिजनों को सीमित विकल्प देना न्यायसंगत नहीं था। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को पारित किया है। अब शहीदों के परिजनों को विभाग चुनने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी सुविधा और सम्मान दोनों सुनिश्चित होंगे।”
यह निर्णय उन शहीद परिवारों की लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम है, जो चाहते थे कि उन्हें अनिवार्य रूप से पुलिस विभाग में ही नियुक्ति न देकर, अन्य विभागों में भी विकल्प प्रदान किया जाए। उपमुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशीलता और सक्रियता से यह विषय मंत्रिपरिषद में लाया गया और सर्वसम्मति से पारित हुआ।
दूरगामी प्रभाव और सरकारी संवेदनशीलता
पहले के प्रावधान के अनुसार, अनुकम्पा नियुक्ति केवल उसी विभाग में दी जाती थी जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक कार्यरत था। लेकिन इस संशोधन के बाद, शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन अब राज्य शासन के किसी भी विभाग में, किसी भी जिले या संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे।
यह निर्णय न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देता है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का भी प्रमाण है। इससे शहीद परिवारों को अब सम्मानजनक और सुविधाजनक रोजगार के अवसर मिलेंगे।
