
संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
🌟 विशेष खबर: प्रधानमंत्री मोदी की पहल से आदिवासी समाज को नई गति, 2024-25 ‘जनजातीय गौरव वर्ष’ घोषित
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर ₹6,640 करोड़ की योजनाएँ शुरू; 1.16 लाख जनजातीय घरों का शिलान्यास
उजाला टुडे कोंडागांव 13 नवम्बर 2025- कोंडागांव :भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने आज एक प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के उत्थान के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं और ‘जनजातीय गौरव वर्ष’ (2024–2025) पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनजातीय नायकों के योगदान को सम्मान देना और विकास को नई गति प्रदान करना है।
प्रकृति और संस्कृति का महत्व
विधायक लता उसेंडी ने आदिवासी इतिहास की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि यह समाज प्रकृति संरक्षण, सतत विकास और सामुदायिक सामंजस्य का महत्वपूर्ण संदेश देता है। उन्होंने आधुनिक विश्व को आदिवासी समाज से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव सीखने की आवश्यकता बताई।
धरती आबा बिरसा मुंडा को नमन
उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए उनके ऐतिहासिक “उलगुलान” आंदोलन को याद किया, जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और जनजातीय अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। उनके जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष को इतिहास सम्मान से देखता है, जिसके कारण उन्हें श्रद्धापूर्वक “धरती आबा” (धरती के पिता) कहा जाता है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2021 में बिरसा मुंडा की जयंती, 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया था।
जनजातीय गौरव वर्ष में विकास की नई इबारत
विधायक लता उसेंडी ने ‘जनजातीय गौरव वर्ष’ (2024–2025) के दौरान लागू की जा रही प्रमुख पहलों का ब्यौरा दिया, जो आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास पर केंद्रित हैं:
- विशाल कल्याणकारी योजनाएँ: प्रधानमंत्री मोदी ने ₹6,640 करोड़ से अधिक की विभिन्न जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है।
- आवास और उन्नयन: ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उन्नयन अभियान’ के तहत 1.16 लाख घरों की आधारशिला रखी गई है। इसके अतिरिक्त, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए 25,000 घरों का निर्माण शुरू किया गया है।
- स्वास्थ्य सेवा विस्तार: जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगभग 50 मोबाइल चिकित्सा इकाइयाँ शुरू की गई हैं।
- शिक्षा का उन्नयन: देशभर में आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) का उद्घाटन किया गया है।
संघर्ष और बलिदान प्रेरणास्रोत
विधायक लता उसेंडी ने अंत में कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन, संघर्ष और बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा है। जल-जंगल-जमीन की रक्षा और जनजातीय अधिकारों के लिए उनके संघर्ष ने आधुनिक भारत के विकास मॉडल को नई दिशा दी है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकारें जनजातीय समाज को सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
प्रेस वार्ता में ये रहे उपस्थित:
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम, मनोज जैन, आकाश मेहता, बाल कुंवर प्रधान, जितेंद्र सुराना, संतोष पात्र, प्रतोष त्रिपाठी, लक्ष्मी ध्रुव, अनीता नेताम, सोनमणि पोयाम, सुमन शुक्ला, सुषमा खोबरागड़े, प्रदीप नाग, बिट्टू पाणिग्रही, अविनाश सोरी, अभिनेत्र सिंह सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
