संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
भ्रष्टाचार का ‘हवाई किला’: लोरमी में एक ठोकर से ढह गई विकास की दीवार, विधायक अरुण साव पर विपक्ष का तीखा हमला
उजाला टुडे कोंडागांव 03 मई 2026-लोरमी: छत्तीसगढ़ की लोरमी विधानसभा सीट इन दिनों विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। वीडियो में दिखाया गया है कि क्षेत्र में कराया गया नया निर्माण एक मामूली ठोकर मारने से ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है। इस घटना को लेकर स्थानीय नेता विद्यानंद चंद्राकर ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक अरुण साव पर सीधा निशाना साधा है।
विकास या विनाश? एक ठोकर ने खोली पोल
जारी किए गए वीडियो में निर्माण कार्य में बरती गई भारी अनियमितता साफ दिखाई दे रही है। घटिया निर्माण सामग्री का आलम यह है कि दीवार को हाथ से छूने या मामूली पैर की ठोकर मारने पर ईंटें उखड़ कर गिर रही हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि यह भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है, जहाँ जनता की गाढ़ी कमाई को ‘कमीशनखोरी’ की भेंट चढ़ा दिया गया है।
विपक्ष के तीखे सवाल: “क्या यही है साव जी का विकास?”
विद्यानंद चंद्राकर ने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव को घेरते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- भ्रष्टाचार की चार गुना रफ्तार: चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की आय चार गुना करने का वादा किया था, लेकिन धरातल पर केवल भ्रष्टाचार चार गुना बढ़ गया है।
- गुणवत्ता पर सवाल: विधायक और उपमुख्यमंत्री होने के नाते अरुण साव से पूछा गया है कि क्या उनके क्षेत्र में विकास की गुणवत्ता का पैमाना यही है?
- जनता के पैसे की बर्बादी: आरोप लगाया गया है कि विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और सरकारी खजाने की लूट मची है।
क्षेत्र में बढ़ा आक्रोश
निर्माण कार्य की इस बदहाली को देखकर लोरमी की जनता में भी भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उपमुख्यंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र में निर्माण कार्यों का यह हाल है, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
“लोरमी विधानसभा में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। एक ठोकर से ढहता निर्माण बता रहा है कि जनता का पैसा विकास में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।” > — विद्यानंद चंद्राकर, स्थानीय नेता
अब देखना यह होगा कि इस वीडियो के वायरल होने और विपक्ष के कड़े रुख के बाद प्रशासन संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है।
