संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर जन जागरूकता अभियान: “जांच करें, सफाई करें और ढंक कर रखें”
उजाला टुडे कोंडागांव 19 मई 2026- कोंडागांव: शासन के निर्देशानुसार जिले में 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन में सभी विकासखंडों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यापक प्रचार-प्रसार और जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आर. के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और मितानिनों द्वारा जमीनी स्तर पर ग्रामीणों को डेंगू से बचाव के उपाय बताए गए। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “डेंगू नियंत्रण हेतु सामुदायिक भागीदारी: जांच करें, सफाई करें और ढंक कर रखें” पर विशेष जोर दिया गया।
बरसात से पहले तैयारी क्यों है जरूरी?
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सोनल ध्रुव ने बताया कि डेंगू रोग के फैलने की संभावना बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा होती है। यही वजह है कि मानसून की शुरुआत से पहले ही समुदाय को जागरूक करना बेहद जरूरी है। जिला स्तर से लेकर मैदानी स्तर के स्वास्थ्य कर्मी और मितानिनें लगातार समय-समय पर लोगों को स्वास्थ्य परामर्श दे रहे हैं।
डेंगू के लक्षण और बचाव के प्रमुख तरीके
स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुदाय को डेंगू से बचने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां और टिप्स दिए गए:
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- मच्छर की पहचान और लक्षण: डेंगू ‘एडीज’ मच्छर के काटने से होता है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, हाथ-पैर के जोड़ों में गंभीर दर्द, और आँखों के ऊपरी भाग (पलकों) में दर्द होना शामिल है। इससे मरीज बेहद कमजोरी महसूस करता है।
- साफ-सफाई पर ध्यान: एडीज मच्छर गंदगी और जमा पानी में पनपते हैं। इसलिए अपने घरों और आसपास के परिवेश को साफ रखना बेहद जरूरी है। खाद्य सामग्री और पेय पदार्थों को हमेशा ढंक कर रखें।
- मच्छरों से सुरक्षा के उपाय:
- शाम के समय (संध्याकाल) घर के दरवाजे और खिड़कियां कुछ समय के लिए बंद रखें या जाली से कवर करें।
- मच्छरों को भगाने के लिए नीम या नीलगिरी के पत्तों का धुआं करें।
- सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें।
- कीटनाशक छिड़काव: गांवों में जब भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाए, तो घरों के हर कमरे में स्प्रे जरूर करवाएं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: यदि किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, जोड़ों में दर्द या आंखों में तकलीफ महसूस हो, तो बिना लापरवाही किए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कर्मचारी से संपर्क करें और चिकित्सक के परामर्श पर अपनी जांच व उपचार करवाएं।
सामुदायिक भागीदारी है सफलता की कुंजी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डेंगू जैसी बीमारी के पूर्ण नियंत्रण और बचाव के लिए केवल विभाग का प्रयास काफी नहीं है; इसके लिए जनभागीदारी और जन-जागरूकता होना अति आवश्यक है। जब तक हर नागरिक सतर्क नहीं होगा, तब तक इस बीमारी को जड़ से नहीं मिटाया जा सकता।



