संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
बदलता बस्तर: माओवाद के खात्मे के बाद कोंडागांव में विकास की नई उड़ान, ₹78 करोड़ की लागत से बनेंगी 29 पक्की सड़कें
मुख्य बिंदु:
- सड़कों का जाल: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जिले में 103.60 किलोमीटर लंबी 29 सड़कों को मिली मंजूरी।
- बदलेगी तस्वीर: कभी माओवाद का गढ़ रहे केशकाल और मर्दापाल के सुदूर वनांचल गांवों तक पहली बार पहुंचेगा पक्का रास्ता।
- चौतरफा विकास: सड़कों के निर्माण से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार।
उजाला टुडे कोंडागांव 18 मई 2026-कोण्डागांव:केन्द्र और राज्य सरकार की संयुक्त और प्रभावी नीतियों के कारण बस्तर संभाग अब माओवाद के अंधकार से बाहर निकलकर विकास के उजाले की ओर बढ़ रहा है। वर्षों तक जिस बस्तर में दहशत और असुरक्षा के कारण बुनियादी सुविधाएं दम तोड़ रही थीं, वहां अब शांति और विश्वास का नया सवेरा हुआ है। सुदूर और वनांचल क्षेत्रों तक सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के लिए शासन द्वारा विशेष प्राथमिकता के साथ काम किया जा रहा है।
इसी कड़ी में कोंडागांव जिले के उन सुदूर गांवों को मुख्य धारा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है, जो कभी माओवादी गतिविधियों के कारण कटे हुए थे।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जिले में 78 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत से 103.60 किलोमीटर लंबी 29 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसमें परियोजना क्रियान्वयन इकाई कोण्डागांव के तहत 50 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से बनने वाली 19 सड़कें (लंबाई 68.37 किमी) भी शामिल हैं।
केशकाल और मर्दापाल के इन गांवों में खुलेंगे प्रगति के द्वार
कार्यपालन अभियंता (PMGSY) से मिली जानकारी के अनुसार, विकास का सबसे बड़ा लाभ केशकाल और मर्दापाल के उन इलाकों को मिलेगा जहां कभी शासकीय योजनाओं की पहुंच नामुमकिन मानी जाती थी।
- केशकाल क्षेत्र (11 सड़कें, लंबाई 39.23 किमी): इसके तहत बावनमारी से बेडमामारी मार्ग, बटराली होनहेड़ आरडी से उपरचंदेली, होनहेड़ से घोडाझर, बिंझे से चिखलाडीही, कलेपाल से पराली, तोडासी से गादड़, रावबेड़ा से गिरगोली, कुवेमारी से भण्डारपाल, कुएंमारी से कुदारवाही, भण्डारपाल से मडगांव और फरसगांव क्षेत्र के पतोड़ा से कुम्हारपारा तक पक्की सड़कों का निर्माण होगा।
- मर्दापाल क्षेत्र (12 सड़कें, लंबाई 45 किमी): यहाँ पुजारीपारा से कटुलपारा, खासपारा खचगांव गोदाम से मांझीपारा, पल्ली-बरसूर मार्ग से कीलम, खोड़सानार से पदेली, मर्दापाल-बयानार मार्ग से लखापुरी, लखापुरी से एहरा, बेतबेड़ा से ढोलमांदरी, बयानार मार्ग से बड़को, कुदूर मार्ग से पटेलपारा, छोटेउसरी मार्ग से टिमेनार, बयानार मार्ग से नहाकानार और तोडम मुख्य मार्ग से मुंडापारा तक सड़कें बनाई जाएंगी।
- कोंडागांव क्षेत्र: इसके साथ ही कोंडागांव-कोरमेल मार्ग से पटेलपारा खडपड़ी समेत क्षेत्र की 6 अन्य सड़कों का निर्माण भी शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 20.36 किलोमीटर है।
आर्थिक तरक्की और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इन पक्की सड़कों के बनने से न केवल ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और बेहतर शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा, अंदरूनी इलाकों में छिपी बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। स्थानीय ग्रामीणों को अपने वनोपज और कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे।
“बस्तर में स्थापित हो रहा शांति और विश्वास का माहौल”
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बस्तर में अब भय का माहौल खत्म हो चुका है। शांति और विश्वास का वातावरण स्थापित होने से ग्रामीण भी विकास कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। यह 29 सड़कें कोंडागांव के भविष्य को बदलने वाली साबित होंगी।




