
संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में बड़ा खेल: मसोरा में इमारती लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ाया, मालिक ने झाड़ा रसूख… और रात 2 से 3 बजे वन अमले को गेंदा देकर गाड़ी लेकर भाग निकला ड्राइवर!
उजाला टुडे कोंडागांव 19 मई 2026-कोंडागांव: जिले में वन विभाग की सुस्ती और लकड़ी तस्करों के बुलंद हौसलों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार (18 मई) की रात मुलमुला परिक्षेत्र के मसोरा में वन अमले ने अवैध कीमती लकड़ियों से लदे एक ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ा तो सही, लेकिन आधी रात को हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच ड्राइवर पूरी गाड़ी ही लेकर रफूचक्कर हो गया। वन विभाग के पहरे के बीच हुई इस घटना ने महकमे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुप्त सूचना पर रात 9:30 बजे हुई थी घेराबंदी
मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि मसोरा स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप के पास एक संदिग्ध टाटा 1616 माजदा वाहन (क्रमांक: CG-27-R-3479) अवैध लकड़ियां पार करने की फिराक में खड़ी है।
रेंजर प्रतीक वर्मा के निर्देश पर फॉरेस्ट गार्ड राकेश बैरागी और सहयोगी पारेश्वर नाइक ने रात करीब 9:30 बजे मौके पर दबिश दी। जांच करने पर गाड़ी मिश्रित प्रजाति की कीमती इमारती लकड़ियों (मिक्स लकड़ी) से ठसाठस भरी पाई गई।
“गाड़ी मेरी है… कागज कल दिखा दूंगी” – मालिक का रसूखदार जवाब
कार्रवाई के दौरान जब फॉरेस्ट अमले ने वाहन मालिक ज्योति तिवारी से फोन पर संपर्क किया और वैध कागजात मांगे, तो उनका जवाब टालमटोल और धौंस भरा था।
फॉरेस्ट गार्ड राकेश बैरागी के अनुसार, वाहन मालिक ज्योति तिवारी ने फोन पर कहा:
“गाड़ी मेरी है… एक साल पहले परमिशन ली थी… गाड़ी खराब है और ड्राइवर ‘मरनी’ (शोक कार्यक्रम) के काम से जगदलपुर गया है, वो दो दिन बाद आएगा। मैं अभी गृह मंत्री जी के कार्यक्रम में हूं… कल कागज दिखा दूंगी।”
और आधी रात को हो गया बड़ा कांड: 2 से 3 बजे गाड़ी समेत ड्राइवर फरार!
इस बातचीत के बाद मौके पर हड़कंप की स्थिति थी। लेकिन तस्करों के हौसले इतने बुलंद थे कि रात करीब 2 से 3 बजे के बीच, वन विभाग की मौजूदगी के बावजूद शातिर ड्राइवर मौका पाकर इमारती लकड़ियों से लदे पूरे ट्रक को ही लेकर मौके से फरार हो गया। वन अमला हाथ मलता रह गया और रात के अंधेरे में गाड़ी गायब हो गई।
कागजों में नोटिस जारी, पर जमीनी हकीकत सिफर?
हाथ से गाड़ी निकल जाने के बाद अब वन विभाग की टीम तस्करों के इस नेटवर्क को खंगालने की बात कह रही है। वन परिक्षेत्र अधिकारी की ओर से वाहन मालिक ज्योति तिवारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
बड़े सवाल:
- जब रात 9:30 बजे गाड़ी पकड़ ली गई थी, तो उसे तुरंत जब्त कर डिपो क्यों नहीं लाया गया?
- रात 2 से 3 बजे के बीच ड्राइवर लकड़ी से भरा ट्रक लेकर कैसे भाग निकला? क्या इसमें किसी अंदरूनी मिलीभगत की बू आ रही है?
फिलहाल, वन विभाग मामले की जांच की बात कह रहा है, लेकिन आधी रात को गाड़ी का गायब होना कोंडागांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
