
शराब के लिए टोकना पड़ा भारी: कोण्डागांव में पति ने डंडे से पीट-पीटकर की पत्नी की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
उजाला टुडे कोंडागांव 07 मई 2026- कोण्डागांव: कोण्डागांव पुलिस ने अपनी ही पत्नी की नृशंस हत्या करने वाले एक कलयुगी पति को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। शराब पीने की लत और उसके कारण होने वाले पारिवारिक विवाद ने एक हँसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
विवाद की वजह: शराब और ताने
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पीतम उर्फ प्रीतम कोर्राम (35 वर्ष), निवासी चिपावण्ड डोंडिया पारा, शराब पीने का आदी था। उसकी पत्नी श्रीमती सुखदई कोर्राम उसे अक्सर शराब पीने से मना करती थी और इस बात को लेकर उसे ताने देती थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने खौफनाक कदम उठाया।
घटना का संक्षिप्त विवरण
घटना 30 अप्रैल 2026 की है। प्रार्थी सिंगलु मण्डावी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसे ग्रामीणों के माध्यम से सूचना मिली कि उसके साले पीतम ने अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज करते हुए उसके सिर पर मोटे डंडे से प्राणघातक हमला किया है।
- हमला और उपचार: हमले के बाद मृतिका बेहोश हो गई थी। उसे पड़ोसियों की मदद से तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
- इलाज के दौरान मौत: स्थिति गंभीर होने के कारण उसे रायपुर के DKS अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ इलाज के दौरान 03 मई 2026 को दोपहर 02:50 बजे सुखदई कोर्राम ने दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। अनुविभागीय अधिकारी सतीश भार्गव और थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।
विवेचना के दौरान आरोपी पीतम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह पत्नी द्वारा बार-बार शराब पीने के लिए टोकने से परेशान था, जिसके कारण उसने घर में रखे डंडे से उसके सिर पर वार कर दिया।
कानूनी कार्यवाही
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 103(1) के तहत अपराध क्रमांक 139/2026 दर्ज किया है। आरोपी को 05 मई को गिरफ्तार किया गया और कल, 06 मई 2026 को उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस कार्यवाही में निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उप निरीक्षक राज कुमार कोमरा, प्र.आर. अशोक मरकाम और सायबर सेल से सउनि सुरेन्द्र बघेल सहित अन्य आरक्षकों का विशेष योगदान रहा।
