
संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
हाईकोर्ट की अवमानना: कोण्डागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना को नोटिस जारी, जवाब तलब
उजाला टुडे कोंडागांव 07 मई 2026- बिलासपुर/कोण्डागांव: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कोण्डागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अवमानना का नोटिस जारी किया है। यह मामला जिला मुख्यालय स्थित ‘सर्व आदिवासी विश्राम गृह एवं कॉम्प्लेक्स’ के हस्तांतरण से जुड़ा है। अदालत ने आदेश की अवहेलना पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर से इस संबंध में जवाब मांगा है।
क्या है पूरा विवाद?
मामला कोण्डागांव के सर्व आदिवासी समाज (पंजीयन क्रमांक 4230/2013) के आधिपत्य का है।
संस्था के वर्तमान निर्वाचित अध्यक्ष पनकूराम नेताम का आरोप है कि मुख्यालय स्थित विश्राम गृह और कॉम्प्लेक्स वर्तमान में पूर्व अध्यक्ष बंगाराम सोढी के अवैध कब्जे में है।
- प्रशासनिक उदासीनता: वर्तमान अध्यक्ष ने 04 जून 2025 को कलेक्टर को आवेदन देकर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई थी।
- हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: लंबे समय तक कार्रवाई न होने पर पनकूराम नेताम ने अधिवक्ता लवकुमार रामटेके के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की।
- पिछला आदेश: मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने 08 जुलाई 2025 को आदेश जारी कर कलेक्टर को निर्देशित किया था कि जल्द से जल्द भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

अवमानना याचिका और कोर्ट का रुख
हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर, याचिकाकर्ता ने पुनः अदालत का दरवाजा खटखटाया और अवमानना याचिका (Contempt Petition) दायर की।
”न्यायालय के आदेश का पालन न करना न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती देना है।” – अधिवक्ता पक्ष
मंगलवार, 05 मई 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकल बेंच ने कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना को औपचारिक नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए?
आगे क्या?
कलेक्टर को अब निर्धारित समय सीमा के भीतर माननीय न्यायालय के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। इस नोटिस के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। आदिवासी समाज के निर्वाचित प्रतिनिधि इसे अपनी बड़ी जीत मान रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि अब उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।

