संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का शंखनाद: 16 अप्रैल से शुरू होगा मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य
उजाला टुडे कोंडागांव 12 अप्रैल 2026- कोंडागांव : देश की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियाँ छत्तीसगढ़ में जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के ध्येय वाक्य के साथ प्रशासन ने राज्य में जनगणना के प्रथम चरण की समय-सारणी जारी कर दी है। इस चरण में मुख्य रूप से हाउस लिस्टिंग (मकान सूचीकरण) और हाउसिंग सेंसस (आवास गणना) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना की इस विशाल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए इसे दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
- स्व-गणना (Self-Enumeration): आम नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें, इसके लिए 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान लोग डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
- प्रगणकों द्वारा गणना: मकानों की भौतिक सूची तैयार करने और विस्तृत डेटा संग्रह के लिए प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाएंगे। यह कार्य 1 मई से 30 मई तक चलेगा।
“हर इंसान जुड़े, हर घर जुड़े”
प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनता से सहयोग की अपील की है। विज्ञापन के माध्यम से संदेश दिया गया है कि चाहे घर हो, इमारत हो, कोठी हो या कुटिया—जनगणना के दायरे से कोई भी छूटना नहीं चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक नागरिक की सटीक संख्या और उनके आवास की स्थिति का विवरण प्राप्त करना है, ताकि भविष्य की विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सके।
महत्वपूर्ण तिथियां:
- 16 – 30 अप्रैल: स्व-गणना की अवधि।
- 01 – 30 मई: प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर मकान सूचीकरण।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में राज्य के हर नागरिक से अपनी जिम्मेदारी निभाने और देश को आगे बढ़ाने में योगदान देने का आह्वान किया है।

