संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
महिला आरक्षण के नाम पर ‘परिसीमन’ का खेल खेल रही भाजपा, कांग्रेस ही महिलाओं की सच्ची हितैषी: शिल्पा देवांगन
उजाला टुडे 24 अप्रैल 2026-जगदलपुर। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में आज राजीव भवन जगदलपुर में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य की अध्यक्षता में पीसीसी प्रवक्ता शिल्पा देवांगन ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में देश को भ्रमित कर रही है और उसका असली एजेंडा केवल सीटों का मनमाना परिसीमन करना है।
“आरक्षण सिर्फ मुखौटा, परिसीमन था असली मकसद”
शिल्पा देवांगन ने स्पष्ट किया कि 106वां संविधान संशोधन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) पहले ही पारित होकर कानून बन चुका है, लेकिन भाजपा ने 16 अप्रैल 2026 को जो 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया, उसकी नीयत संदेहास्पद थी। उन्होंने कहा:
”भाजपा महिला आरक्षण को ढाल बनाकर लोकसभा की सीटों को 850 तक बढ़ाने और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों के पुनर्गठन का बिल पास कराना चाहती थी। इस विधेयक में 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन का प्रस्ताव था, जिस पर कई राज्यों को कड़ी आपत्ति थी।”
कांग्रेस की मांग: तुरंत लागू हो आरक्षण
प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जब वर्तमान में 2026-27 की जनगणना की प्रक्रिया और जाति जनगणना की बात हो रही है, तो सरकार पुराने आंकड़ों पर परिसीमन क्यों करना चाहती है? उन्होंने कहा कि यदि भाजपा की मंशा साफ होती, तो वह परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू कर सकती थी, जिसका कांग्रेस और पूरा विपक्ष समर्थन करने को तैयार है।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: ‘कांग्रेस ने दिया महिलाओं को हक’
कांग्रेस ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के अपने इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि:
- 1989: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सबसे पहले पंचायतों और निकायों में महिला आरक्षण की नींव रखी।
- 1993: पीवी नरसिम्हा राव सरकार के दौरान यह कानून बना, जिसके कारण आज देश भर में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं।
- 2010: डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में राज्यसभा से महिला आरक्षण बिल पारित कराया गया था।
भाजपा का षड्यंत्र विफल
प्रेस वार्ता में कहा गया कि भाजपा का सीटों के परिसीमन का षड्यंत्र विपक्षी एकजुटता के कारण सफल नहीं हो सका, इसीलिए अब वह हार के डर से देश में भ्रम फैला रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह महिला आरक्षण के समर्थन में अडिग है, लेकिन ‘परिसीमन’ के नाम पर होने वाली राजनीति का विरोध करती रहेगी।
इस अवसर पर उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना, प्रदेश प्रवक्ता जावेद खान, महामंत्री अभिषेक नायडू, अनुराग महतो, सुनीता सिंह, सुषमा सुता, एस नीला, अफरोज बेगम सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।

