संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में ₹1.53 करोड़ का धान घोटाला: बिना राजनीतिक संरक्षण के यह संभव नहीं, हो न्यायिक जांच – मोहन मरकाम
उजाला टुडे कोंडागांव 20 मई 2026-कोंडागांव:कोंडागांव जिले के मुलमुला धान खरीदी केंद्र में सामने आए ₹1 करोड़ 53 लाख के कथित धान घोटाले को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखे हमले बोले हैं। कांग्रेस का सीधा आरोप है कि इतना बड़ा घोटाला बिना शासन, प्रशासन की मिलीभगत और ऊंचे राजनीतिक संरक्षण के संभव ही नहीं है।
“जिस केंद्र का उद्घाटन विधायक ने किया, वहीं से धान गायब”
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि जिस मुलमुला धान खरीदी केंद्र में क्षेत्र की स्थानीय भाजपा विधायक लता उसेंडी ने खुद धान खरीदी की शुरुआत की थी, आज उसी केंद्र से डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का धान गायब हो जाना बेहद गंभीर और संदेहास्पद है।
मरकाम ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा:
“मामला सामने आए 10 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो कोई बड़ी कार्रवाई हुई है, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सरकार इस पूरे मामले को दबाने और रफा-दफा करने की कोशिश में जुटी है।”
कागजों में उठाव 96%, जमीन पर हकीकत कुछ और!
कांग्रेस ने जिले के सभी 67 धान उपार्जन केंद्रों की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने जैसी मांग उठाई है। नेताओं का कहना है कि रिकॉर्ड में धान का उठाव लगभग 96 प्रतिशत दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
धान खरीदी और उठाव के आंकड़े (कांग्रेस के दावे के अनुसार):
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विवरण |
मात्रा (क्विंटल में) |
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कुल धान खरीदी |
32,35,628 |
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दावा किया गया उठाव (96%) |
31,27,833 |
कांग्रेस नेताओं ने सवाल दागा कि अगर कागजों के मुताबिक रिकॉर्ड तोड़ उठाव हो चुका है, तो फिर आज भी कई खरीदी केंद्रों और संग्रहण केंद्रों में धान के ऊंचे-ऊंचे ढेर क्यों लगे हुए हैं? आखिर कागजों का धान कहां गायब हो गया और इस खेल के पीछे असली चेहरा कौन है?
कांग्रेस की मुख्य मांगें और आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है और निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों की निष्पक्ष और बारीकी से न्यायिक जांच कराई जाए।
- घोटाले के दोषियों और संलिप्त अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर गिरफ्तारी हो।
- केंद्रों में बचे हुए धान का तत्काल भौतिक सत्यापन और उठाव सुनिश्चित किया जाए।
सड़क से सदन तक लड़ाई का ऐलान:
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता हर धान खरीदी केंद्र पर जाकर खुद जांच करेगा। किसानों के हक के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है, लेकिन कांग्रेस किसानों का शोषण नहीं होने देगी।
प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन मरकाम के साथ जिला महामंत्री रितेश पटेल, जिला उपाध्यक्ष तरुण गोलछा, प्रदेश सचिव सकुर खान, ब्लॉक अध्यक्ष संजय करन, देवेंद्र कोर्राम, शहर अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन, उपाध्यक्ष कमलेश दुबे, ब्रिज सोढ़ी, जनपद सदस्य जयराम मरकाम, मंडल अध्यक्ष सहदेव पोयाम, पिलाराम बघेल, योगेंद्र राठौर, सालिक बघेल और भूपेश शार्दुल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
