संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में लकड़ी तस्करी पर गरमाई राजनीति: कांग्रेस ने SDM को सौंपा ज्ञापन, भाजपा नेत्री जूही तिवारी पर गंभीर आरोप
“तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन”, वन मंत्री केदार कश्यप के संरक्षण का भी लगाया आरोप
उजाला टुडे कोंडागांव 27 मई 2026- कोंडागांव: कोंडागांव सहित पूरे बस्तर संभाग में फलदार और विलुप्त हो रहे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और अवैध परिवहन का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले चुका है। इस अवैध लकड़ी तस्करी मामले को लेकर बुधवार को कोंडागांव की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया, जब शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एक तीखा ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
भाजपा नेत्री की गाड़ी पकड़े जाने से शुरू हुआ विवाद
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, यह पूरा विवाद 18 मई की रात से शुरू हुआ। आरोप है कि उस रात वन विभाग की टीम ने मसोरा क्षेत्र में भाजपा नेत्री ज्योति उर्फ जूही तिवारी की गाड़ी (CG-27 R-3479) को अवैध रूप से लदी लकड़ियों के साथ पकड़ा था।
इस घटना के बाद, 22 मई को भाजपा नेत्री जूही तिवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्रकार वार्ता) कर कांग्रेस पर पलटवार किया था। उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उनके पास इस परिवहन से जुड़े एसडीएम द्वारा जारी सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं।
कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन ने भाजपा सरकार और प्रशासन को घेरते हुए कई तीखे सवाल दागे हैं:
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- दोहरा मापदंड क्यों?: एक तरफ भाजपा सरकार देश भर में “एक पेड़ माँ के नाम” जैसा पर्यावरण संरक्षण अभियान चला रही है, तो दूसरी तरफ बस्तर में हजारों पेड़ों की अवैध कटाई किसके संरक्षण में हो रही है?
- आदिवासियों के हक पर डाका: बस्तर की ‘जल-जंगल-जमीन’ पर यहाँ के आदिवासियों का पहला अधिकार है। ऐसे में भाजपा नेत्री को इन पेड़ों को काटने और परिवहन करने का अधिकार किसने दिया?
- वन विभाग की भूमिका पर शक: जब वन विभाग ने लकड़ी से लदी गाड़ी को पकड़ा था, तो उसे किस आधार पर छोड़ा गया? विभाग ने अब तक इस मामले में आगे क्या ठोस कार्रवाई की है, इसे सार्वजनिक किया जाए।
“बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा काला कारोबार संभव ही नहीं है। इस पूरे खेल में वन मंत्री केदार कश्यप का संरक्षण साफ नजर आता है।”
– नरेंद्र देवांगन, शहर कांग्रेस अध्यक्ष
तीन दिन का अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि लकड़ी दलालों और दोषियों को खुली छूट देना बंद किया जाए। यदि तीन दिनों के भीतर इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
इस दौरान कांग्रेस महामंत्री रितेश पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष संजय करन, महिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमा देवांगन सहित भारी संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय में मौजूद थे।

