संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
छत्तीसगढ़ की धरती से मिले पृथ्वी के प्राचीनतम अवशेष: बस्तर में मिली 3.65 अरब साल पुरानी चट्टान, भारत के भूगर्भीय इतिहास को मिली नई दिशा
उजाला टुडे कोंडागांव 07 सितंबर 2026-रायपुर:छत्तीसगढ़ की धरती से पृथ्वी के अरबों साल पुराने इतिहास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। राज्य के बस्तर क्षेत्र में वैज्ञानिकों व भूगर्भशास्त्रियों को लगभग 3.65 अरब (3.65 बिलियन) वर्ष पुरानी चट्टान मिली है। यह खोज न केवल भारत के भूगर्भीय इतिहास को एक नई दिशा दे रही है, बल्कि पृथ्वी के शुरुआती विकासक्रम और उत्पत्ति को समझने में भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वैश्विक मानचित्र पर चमका भारत का नाम
इस ऐतिहासिक खोज के साथ ही भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है, जहाँ पृथ्वी के सबसे प्राचीन भूगर्भीय साक्ष्य मौजूद हैं। अब तक इस तरह की अति-प्राचीन चट्टानें मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका में ही पाई जाती रही हैं। बस्तर में मिले इन अवशेषों के बाद अब वैश्विक भूगर्भीय मानचित्र पर भारत को भी एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान मिल गया है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- 3.65 अरब साल पुरानी चट्टान: बस्तर की धरती से मिली यह चट्टान पृथ्वी के सबसे आरंभिक कालखंड से जुड़ी है।
- पृथ्वी के विकास की समझ: यह खोज वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेगी कि पृथ्वी के निर्माण के शुरुआती दौर में महाद्वीपों और चट्टानों का विकास किस प्रकार हुआ।
- वैश्विक पटल पर पहचान: भारत अब ग्रीनलैंड, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के साथ दुनिया के सबसे पुराने भू-भागों में आधिकारिक तौर पर गिना जाएगा।
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह उपलब्धि देश और राज्य के वैज्ञानिक व ऐतिहासिक अध्ययन के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

