संपादक,संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में ‘मड़ई मेला 2026’ का भव्य आगाज़ 23 फरवरी से, जुटेंगे बस्तर के देवी-देवता
उजाला टुडे कोंडागांव 21 फरवरी 2026- कोंडागांव: बस्तर की गौरवशाली संस्कृति और लोक परंपराओं का प्रतीक ‘पारंपरिक मड़ई मेला 2026’ इस वर्ष 24 फरवरी से 01 मार्च तक कोंडागांव जिला मुख्यालय में आयोजित होने जा रहा है। मेले की शुरुआत 23 फरवरी की रात ‘निशा जातरा’ के साथ होगी। इस भव्य आयोजन के लिए नगर पालिका परिषद कोंडागांव ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रमुख कार्यक्रम और तिथियां
मड़ई मेले का आयोजन मुख्य रूप से दो चरणों में विशेष अनुष्ठानों के साथ शुरू होगा:
- 23 फरवरी (सोमवार): रात्रि 07:00 बजे से पारंपरिक ‘निशा जातरा’ का आयोजन किया जाएगा।
- 24 फरवरी (मंगलवार): दोपहर 02:00 बजे से 24 परगनाओं से आए देवी-देवताओं का भव्य मिलन होगा। इसके बाद परिसर में सम्मेलन परिक्रमा, आशीर्वाद समारोह और मेले का आधिकारिक उद्घाटन किया जाएगा।
- 01 मार्च (रविवार): शाम 05:00 बजे मेला कार्यालय में विधिवत समापन की घोषणा की जाएगी।
दिग्गज अतिथियों की उपस्थिति
इस पारंपरिक उत्सव में शासन-प्रशासन के कई दिग्गज शामिल होंगे। मुख्य अतिथियों (हम्मर पहुना) की सूची में शामिल हैं: लखनलाल देवांगन जी (कैबिनेट मंत्री, छ.ग. शासन),केदार कश्यप जी (कैबिनेट मंत्री, छ.ग. शासन)महेश कश्यप जी (सांसद, बस्तर) ,लता उसेंडी जी (विधायक, कोंडागांव) ,भोजराज नाग जी (सांसद, कांकेर) सहित जिले के अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी।
सांस्कृतिक महत्व
कोंडागांव की मड़ई केवल एक मेला नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है जहां आसपास के 24 परगनाओं के देवी-देवता अपने भक्तों को आशीर्वाद देने पहुंचते हैं। यह आयोजन स्थानीय शिल्प, कला और पारंपरिक खान-पान के संगम के रूप में जाना जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में ग्रामीण और पर्यटक शिरकत करते हैं।
नगर पालिका परिषद कोंडागांव के अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, और मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश डे ने समस्त क्षेत्रवासियों को इस पावन उत्सव में सम्मिलित होने का सादर निमंत्रण (मड़ई नेवता) दिया है।
