संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
खबर: सिम-बाइंडिंग रूल से मैसेजिंग ऐप्स होंगे सुरक्षित, साइबर अपराध पर लगेगी लगाम
कोंडागांव पुलिस (Kondagaon Police) ने जारी किया जागरूकता संदेश
उजाला टुडे कोंडागांव 12 दिसम्बर 2025- नई दिल्ली/कोंडागांव: मैसेजिंग ऐप्स (Messaging Apps) के उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है। भारत सरकार द्वारा लागू किए गए ‘SIM-Binding Rule’ के कारण अब WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स और भी सुरक्षित होने जा रहे हैं। कोंडागांव पुलिस ने इस नए सरकारी कदम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि यह बदलाव किस तरह साइबर अपराधों को रोकने में मदद करेगा।
🛡️ क्या है नया SIM-Binding Rule?
नए नियम के तहत, मैसेजिंग ऐप्स जैसे WhatsApp या Telegram, अब किसी भी फोन में तभी चलेंगे जब उस फोन में SIM कार्ड मौजूद होगा। इसका सीधा अर्थ है: “सिम नहीं तो ऐप नहीं।”
यह नियम उन सिम कार्डों पर लागू होगा जो आपके मैसेजिंग ऐप अकाउंट से जुड़े हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सिम-आधारित धोखाधड़ी को रोकना है।
कैसे रुकेगी धोखाधड़ी?
इस नियम से निम्नलिखित तरह के साइबर अपराधों को रोकने में मदद मिलेगी:
- SIM Misuse (सिम का दुरुपयोग)
- SIM Swap (सिम स्वैप)
- WhatsApp Account Misuse (WhatsApp अकाउंट का दुरुपयोग)
Linked Devices पर भी होगा असर
नए नियम के तहत, WhatsApp Web जैसे लिंक्ड डिवाइसेस (Linked Devices) भी पहले जैसे नहीं रहेंगे। ये डिवाइसेस अपने आप 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएंगे, और दोबारा लॉगिन करने के लिए आपको नया QR कोड स्कैन करना पड़ेगा।
यह बदलाव इसीलिए किया गया है ताकि कोई भी बाहर की या इनएक्टिव सिम का इस्तेमाल करके आपके नाम पर धोखाधड़ी न कर सके।
डिजिटल सुरक्षा के लिए 4 ज़रूरी काम
कोंडागांव पुलिस ने नागरिकों को अपनी डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत ये 4 काम करने की सलाह दी है:
- सुनिश्चित करें कि आपका WhatsApp अकाउंट कोई दूसरा इस्तेमाल न कर रहा हो।
- Two-step Verification (टू-स्टेप वेरिफिकेशन) को हमेशा ON रखें।
- किसी भी “doubtful group” (संदिग्ध समूह) में शामिल न हों।
- अपने ऐप्स को नियमित रूप से (regularly) अपडेट करते रहें।
📞 साइबर क्राइम की रिपोर्ट कैसे करें?
किसी भी साइबर अपराध की सूचना देने के लिए, आप 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं, या फिर सरकारी पोर्टल Cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, आप @CyberDost को फॉलो करके भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

