संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कोंडागांव में टीबी उन्मूलन की नई पहल: ‘हैंड हेल्ड’ एक्स-रे मशीन से गांव-गांव में हो रही स्क्रीनिंग
विश्व क्षय दिवस के उपलक्ष्य में 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत उच्च जोखिम वाले 58 ग्रामों में लगाए जा रहे हेल्थ कैंप
उजाला टुडे कोंडागांव 29 मार्च 2026- कोंडागांव शासन के निर्देशानुसार जिले को क्षय मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। 24 मार्च ‘विश्व क्षय दिवस’ के अवसर पर राज्यव्यापी 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत कोंडागांव में ‘संपूर्णता अभियान’ का आगाज़ किया गया है। कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में जिले के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में आधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे (Handheld X-Ray) मशीन के जरिए नागरिकों की मौके पर ही जांच की जा रही है।
मौके पर जांच और तत्काल उपचार
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी के निर्देशानुसार, जिले के पांचों विकासखंडों के 58 उच्च जोखिम वाले गांवों में 26 मार्च से 18 अप्रैल तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों का एक्स-रे किया जा रहा है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. हरेंद्र बघेल और जिला सलाहकार कातेश देवांगन ने बताया कि निक्षय निरामय 2.0 अभियान के तहत एक्स-रे की रिपोर्ट तुरंत प्राप्त कर सकारात्मक मरीजों का उपचार तत्काल शुरू किया जा रहा है, ताकि ‘स्वस्थ पंचायत’ और ‘टीबी मुक्त पंचायत’ का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
संबलपुर और कुसमा में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
इसी कड़ी में रविवार, 29 मार्च को विकासखंड कोंडागांव के सेक्टर बम्हनी के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर संबलपुर और कुसमा में हेल्थ कैंप आयोजित किया गया। संबलपुर में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक संजय नायडू और ग्रामीण संयोजक मयंक देवांगन ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों और पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया।
कैंप की मुख्य विशेषताएं:
- पंजीयन: संबलपुर कैंप में कुल 68 नागरिकों का पंजीयन कर स्वास्थ्य जांच की गई।
- त्वरित जांच: सभी 68 लोगों की बीपी और शुगर जांच की गई, जबकि 58 नागरिकों का मौके पर ही एक्स-रे किया गया।
- जागरूकता: ग्रामीणों को तंबाकू, गुड़ाखू, शराब और बीड़ी-सिगरेट जैसे नशों से दूर रहने की समझाइश दी गई।
जनप्रतिनिधियों और मितानिनों का मिला सहयोग
संबलपुर के उप सरपंच फूलचंद बघेल और सचिव गजेंद्र पोयम ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की और पंचायत स्तर पर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कैंप को सफल बनाने में जिला अस्पताल के एक्स-रे तकनीशियन ललित कुमार, रशनि बड्डे, और एस.टी.एस. प्रणव देवांगन की मुख्य भूमिका रही। साथ ही सी.एच.ओ. निर्मला नेताम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता दिनेश्वरी नाग, जगदाय सोरी और मितानिन प्रेरकों की टीम ने घर-घर जाकर नागरिकों को शिविर तक लाने में सराहनीय योगदान दिया।
स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान न केवल टीबी बल्कि मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए भी ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है।




