संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कला के रंगों में रंगा हात्मा हाई स्कूल: परीक्षा के बाद बच्चों ने बिखेरा रचनात्मकता का जादू
उजाला टुडे कोंडागांव 15 अप्रैल 2026- शासकीय हाई स्कूल हात्मा विकासखण्ड बडेराजपुर में आज ‘विश्व कला दिवस’ का उत्सव उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया। वार्षिक परीक्षाओं की गहमागहमी खत्म होने के बाद विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़े रखने और उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए शाला प्रबंधन ने एक अनूठी पहल की। दिन भर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी कला, सुर और बुद्धिमत्ता से सभी का मन मोह लिया।
महापुरुषों को कला के जरिए दी श्रद्धांजलि
विश्व कला दिवस के अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता का केंद्र बिंदु डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती रही। विद्यार्थियों ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से बाबा साहब के व्यक्तित्व को कागज़ पर उकेरा। बच्चों द्वारा बनाए गए मनमोहक चित्रों ने उनकी गहरी संवेदनशीलता और कलात्मक कौशल को प्रदर्शित किया।
प्रतिभा निखारने के लिए विविध आयोजन
केवल चित्रकला ही नहीं, बल्कि बौद्धिक और मनोरंजन से भरपूर अन्य गतिविधियों ने भी कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए:
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- बौद्धिक दृष्टिकोण: छात्रों की तार्किक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने के कौशल को परखने के लिए विशेष सत्र आयोजित हुए।
- लेखन एवं गायन: जहाँ निबंध लेखन के जरिए बच्चों ने गंभीर विषयों पर अपनी वैचारिक स्पष्टता दिखाई, वहीं गीत प्रतियोगिता में मधुर आवाजों का जादू चला।
- अंताक्षरी का रोमांच: कार्यक्रम का सबसे मनोरंजक हिस्सा अंताक्षरी रही, जिसमें टीम वर्क और उत्साह का जबरदस्त संगम देखने को मिला।
”अक्सर परीक्षाओं के बाद छात्र स्कूल से दूरी बना लेते हैं। हमारा उद्देश्य उन्हें खेल-खेल में सीखने का माहौल देना और उनकी रचनात्मकता को मंच प्रदान करना है। कला अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है।”
— संदीप सेन, शिक्षक (शासकीय हाई स्कूल हात्मा)
पुरस्कारों से बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। शाला प्रबंधन के इस प्रयास की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। इस उत्सव ने साबित कर दिया कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि कला और संस्कृति में भी उतनी ही गहराई है।
