संपादक,संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
बिजली बिलों में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल; कोंडागांव में बिजली दफ्तर का घेराव कर फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
उजाला टुडे कोंडागांव 17 जून 2026-कोंडागांव: छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी कोंडागांव के नेतृत्व में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय बिजली कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद भारी आक्रोश के बीच बस स्टैंड में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की गई।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार के इस फैसले को आम जनता की जेब पर ‘डाका’ करार दिया है।
“जनता की जेब पर डाका डाल रही भाजपा सरकार”
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने एक बार फिर आम जनता, व्यापारियों और किसानों पर महंगाई का भारी बोझ डाल दिया है। बिजली की दरों में की गई बढ़ोतरी बेहद चिंताजनक है:
- घरेलू उपभोक्ता: दरों में 30 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि।
- गैर-घरेलू (व्यापारिक) उपभोक्ता: दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि।
- किसान (कृषि विद्युत दर): सीधे 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अच्छे दिनों का वादा करने वाली सरकार आज हर वर्ग को प्रताड़ित कर रही है और इस बेतहाशा बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में जिले के दिग्गज नेता रहे मौजूद
इस उग्र प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम में कोंडागांव जिले के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकजुट हुए। मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
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- जिला व प्रदेश नेतृत्व: जिला अध्यक्ष रवि घोष, प्रदेश सचिव शकूर खान।
- महिला व विंग नेतृत्व: महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष राज मरकाम, पिछड़ा वर्ग जिला अध्यक्ष भगवती पटेल, महिला शहर अध्यक्ष हेमा देवांगन।
- ब्लॉक अध्यक्षगण: राजेश नेताम (केशकाल), संजय करन (कोंडागांव), प्रवीण अग्निहोत्री (धनोरा), गौतम साहू (माकड़ी), नरेंद्र देवांगन (कोंडागांव शहर), कमलेश ठाकुर (बड़ेराजपुर), देवेंद्र कोर्राम (मर्दापाल)।
- जिला पदाधिकारी: जिला महामंत्री जे.पी. यादव, गीतेश गांधी।
कार्यकर्ताओं का संकल्प: प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिजली की बढ़ी हुई दरें वापस नहीं लीं, तो यह आंदोलन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे उग्र रूप देकर गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।
इस दौरान कोंडागांव जिला और शहर के समस्त ब्लॉक, शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।

