संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
उफान पर बारदा नदी: केशकाल के दर्जनों गांवों के बच्चों की पढ़ाई ठप, ग्रामीणों ने उठाई बड़े पुल के निर्माण की मांग
उजाला टुडे कोंडागांव 28 जुलाई 2026- कोंडागांव/केशकाल: अंचल में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। आज केशकाल विकासखंड स्थित बारदा नदी में अचानक आए उफान के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया, जिससे आसपास के ग्रामीण अंचलों का संपर्क टूट गया है।
नदी में जलस्तर बढ़ने और रपटे/पुलिया के ऊपर से तेज बहाव होने के कारण बिन्झे, कानागांव, राऊतपारा, मुलगापारा और कोरगांव क्षेत्र के छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं पहुंच सके। नदी पार करने में जान का जोखिम होने के कारण बच्चों को रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।
हर साल प्रभावित होती है पढ़ाई
स्थानीय शिक्षकों और ग्रामीणों के अनुसार, बारदा नदी पर उच्च स्तरीय (बड़े) पुल का न होना एक गंभीर समस्या बन चुका है। हर साल मानसून के दौरान जब भी यह नदी उफान पर होती है, तब बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो जाती है। सिर्फ स्कूली छात्र ही नहीं, बल्कि दैनिक मजदूरी, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों का संपर्क भी कट जाता है।
शासन-प्रशासन से बड़े पुल के निर्माण की गुहार
शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन तथा वरिष्ठ अधिकारियों से पुरजोर अपील की है कि बारदा नदी पर जल्द से जल्द एक ऊंचे और बड़े पुल का निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यहां स्थायी और बड़ा पुल नहीं बनेगा, तब तक हर साल बारिश के मौसम में इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
पुल बन जाने से न केवल क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा निर्बाध और सतत रूप से जारी रह सकेगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को आने-जाने में भी बड़ी राहत मिलेगी।


