संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
प्रशासनिक उपेक्षा की बलि चढ़ा मातापदर-हीरामांदला मार्ग: ध्वस्त नाला दे रहा बड़े हादसे को न्योता
उजाला टुडे कोंडागांव 07 अगस्त 2026-कोण्डागांव: जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला मातापदर से हीरामांदला मार्ग इन दिनों ग्रामीणों और राहगीरों के लिए ‘मौत का कुआं’ साबित हो रहा है। लगभग 8 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित यह सड़क प्रशासनिक देखरेख के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के चलते मार्ग पर स्थित मुख्य नाला पूरी तरह धराशाई हो गया है, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है।
ट्यूबवॉल खड़े, मिट्टी बही: बीच सड़क धंसी
स्थानीय स्थिति अत्यंत भयावह है। नाले के कटाव को रोकने के लिए शासन द्वारा सड़क के दोनों ओर ट्यूबवॉल लगाए गए थे। लेकिन बारिश के तेज बहाव में बीच की पूरी मिट्टी बह गई है, जिससे पूरी सड़क बीच से धंस चुकी है। इतना ही नहीं, तेज जलप्रवाह ने मजबूत मानी जाने वाली सीसी (कंक्रीट) रोड को भी काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया है।
रात के अंधेरे में जानलेवा सफर
यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों की जीवनरेखा है। हाट-बाजार जाने वाले ग्रामीण, स्कूली बच्चे, किसान और शासकीय कर्मचारी हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर यहाँ से गुजरने को मजबूर हैं।
बड़ा खतरा: दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। रात के अंधेरे या धुंध के समय यहाँ से गुजरना सीधे दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसा है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण के बाद से आज तक इस सड़क की सुध नहीं ली गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर घोर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द नाले के पुननिर्माण और सड़क मरम्मत की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि जनजीवन को प्रभावित कर रही इस गंभीर समस्या पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग कब तक संज्ञान लेता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासनिक नींद टूटेगी।

