
संपादक, संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव
कजाकिस्तान में गूंजा बस्तर का नाम: कोंडागांव के पूर्व सैनिक सूरज कुमार यादव को अल्माटी में मिला ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’
उजाला टुडे कोंडागांव 10 अगस्त 2026-देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक अब नागरिक जीवन में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। कजाकिस्तान के खूबसूरत शहर अल्माटी में 5 से 8 अगस्त तक आयोजित प्रमेरिका लाइफ इंश्योरेंस के ‘पॉवर ऑफ वन (JFM) 2026’ सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमका।
कोंडागांव जिले के निवासी, जीवन बीमा सलाहकार एवं अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोंडागांव के जिलाध्यक्ष सूरज कुमार यादव को बीमा क्षेत्र में उनके अति उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिष्ठित ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें प्रमेरिका लाइफ इंश्योरेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पंकज गुप्ता तथा चीफ बिजनेस मेजर ऑफिसर कार्तिक चक्रपाणि के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया।
16वीं अंतरराष्ट्रीय सफलता: सफलता का अनवरत सफर
सूरज कुमार यादव के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना कोई नया अनुभव नहीं है। जीवन बीमा सलाहकार के रूप में उनके असाधारण और अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए इससे पहले भी उन्हें 15 बार अलग-अलग देशों में सम्मानित किया जा चुका है। कजाकिस्तान में मिला यह पुरस्कार उनके करियर की 16वीं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है, जिसने बस्तर संभाग और पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
देश सेवा से जन सेवा तक का अनुकरणीय सफर
”एक पूर्व सैनिक के रूप में देश की सीमाओं की सुरक्षा करने के बाद बीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल करना बेहद प्रेरणादायक है। सूरज यादव न केवल वित्तीय सुरक्षा के क्षेत्र में लोगों को जागरूक कर रहे हैं, बल्कि निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण देकर क्षेत्र के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए लगातार प्रेरित भी कर रहे हैं।”
सफलता का श्रेय पॉलिसीधारकों और परिवार को समर्पित
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराने और सम्मान प्राप्त करने के बाद सूरज कुमार यादव ने अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय अपने सभी बीमा पॉलिसीधारकों, सहयोगियों, इष्ट-मित्रों और परिवार के अटूट विश्वास को दिया।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा:
“मेरे सभी शुभचिंतकों और ग्राहकों के भरोसे के बिना इस ऊंचाई तक पहुंचना संभव नहीं था। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि पूरे कोंडागांव और बस्तर वासियों के विश्वास की जीत है।”



