उजाला टुडे संवाददाता:- संजय सोनपिपरे
कोंडागांव 21.05.2025
कोंडागांव में विकास की नई बयार! विधायक लता उसेंडी ने एक नहीं, दो-दो ग्राम पंचायतों में सुशासन तिहार के बहाने विकास की गंगा बहा दी है। करोड़ों के काम, हजारों महिलाओं और किसानों को सीधे फायदा… ये तो ‘विकास उत्सव’ है!
माकड़ी में ‘सुशासन’ का शंखनाद: जब विधायक ने खुद संभाली कमान
आज कोंडागांव जिले की ग्राम पंचायत माकड़ी में मंगलवार दोपहर 2 बजे एक ऐसा समाधान शिविर लगा, जो सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि असल में ‘सुशासन’ का प्रतीक बना। विधायक और बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने सिर्फ फीता नहीं काटा, बल्कि खुद पूजा-अर्चना कर शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान 11 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
क्या हुआ इस शिविर में? सिर्फ बातें नहीं! बाजार शेड, सीसी सड़क, साइकिल स्टैंड और मुक्तिधाम – ये चार महत्वपूर्ण निर्माण कार्य, जिनका भूमिपूजन खुद विधायक ने किया, माकड़ी के विकास को नई रफ्तार देंगे। और हां, लोगों को तुरंत लाभ भी मिला। ऋण पुस्तिका, जन्म प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, श्रम पंजीयन, धान और सब्जी बीज वितरण – सब कुछ एक ही छत के नीचे! ये सिर्फ सरकारी योजनाएं नहीं, बल्कि आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाने का सीधा प्रयास है।
बरकर्ई में ‘हमदर्दी’ का पुल: सिर्फ सड़क नहीं, ‘दिल’ भी जोड़े
मंगलवार शाम 4:00 बजे का नजारा ग्राम पंचायत बरकर्ई में और भी खास था। यहां विधायक लता उसेंडी ने ₹24.5 लाख की लागत से बनने वाले चार और महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 14.5 लाख रुपये की 500 मीटर लंबी सीसी सड़क शामिल है, जो सिर्फ रास्ते नहीं जोड़ेगी, बल्कि गांव को मुख्यधारा से भी जोड़ेगी। ₹2 लाख का चबूतरा निर्माण, माता मंदिर के लिए ₹3 लाख का शेड और ₹5 लाख की डेढ़ मीटर पुलिया भी ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाएगी।
लेकिन इस कार्यक्रम का सबसे मार्मिक पल तब आया, जब विधायक को पता चला कि मेहतरीन सोरी (पति स्वर्गीय सुखधर सोरी) को सुनने में परेशानी है। उन्होंने देर न करते हुए तत्काल एक श्रवण यंत्र प्रदान किया। ये सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी में उम्मीद की नई रौशनी थी।
आंकड़ों में ‘खुशहाली’ की कहानी: करोड़ों का लाभ, हजारों के चेहरे पर मुस्कान
विधायक लता उसेंडी ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि ये सिर्फ कुछ विकास कार्य नहीं, बल्कि करोड़ों की योजनाओं का महाकुंभ है। महतारी वंदन योजना के तहत 11 ग्राम पंचायतों की 4524 महिलाओं को कुल ₹5.42 करोड़ मिले हैं। सोचिए, ₹5.42 करोड़! ये सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि हजारों घरों में आर्थिक सुरक्षा और आत्म-निर्भरता की नई किरण है।
और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना? 2523 किसानों को ₹1.51 करोड़ की सहायता राशि मिली है। फसल की चिंता कम, चेहरे पर मुस्कान ज्यादा! इसके अलावा, 11 पंचायतों में ₹285.56 लाख के विकास कार्यों को भी मंजूरी मिल गई है।
इन शिविरों में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने साबित कर दिया कि जब सरकार और जनता साथ मिलकर काम करती है, तो विकास की कोई सीमा नहीं रहती। ये सिर्फ खबरें नहीं, बल्कि कोंडागांव के बदलती तस्वीर की एक झलक है।
