संजय सोनपिपरे उजाला टुडे कोंडागांव 9479008457
छत्तीसगढ़ में कृषि क्रांति की नई सुबह: “समेकित उद्यान विकास योजना” के तहत फल-सब्जी की खेती को मिलेगा अभूतपूर्व बढ़ावा
कोंडागांव, उजाला टुडे 06 जून 2025: छत्तीसगढ़ के कृषि परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है! राज्य सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए “समेकित उद्यान विकास योजना 2025-26” का शुभारंभ किया है। यह योजना सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि किसानों के लिए आत्मनिर्भरता और समृद्धि का नया द्वार है, जो “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर 100% अनुदान के साथ उपलब्ध है।
यह योजना राज्य के कृषि क्षेत्र में एक गेम चेंजर साबित होगी। इसका मुख्य लक्ष्य बहुवर्षीय फल और सब्जी उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। सोचिए, अब किसान न सिर्फ फलदार वृक्ष लगाएंगे, बल्कि उनके बीच खाली पड़ी ज़मीन पर अंतरवर्ती फसल के रूप में सब्जियां भी उगा पाएंगे। इतना ही नहीं, पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए मजबूत फेंसिंग और सिंचाई की चिंता खत्म करने के लिए बोरवेल का प्रावधान भी इस योजना का अभिन्न अंग है। यह सब कुछ क्लस्टर आधारित होगा, जहां न्यूनतम 10.000 हेक्टेयर के क्षेत्र में एक साथ कई किसान मिलकर खेती को नई दिशा देंगे।
आपके लिए क्या है इस योजना में?
यह योजना सभी वर्गों के किसानों के लिए है, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसका मतलब है कि जिनकी ज़रूरत सबसे ज़्यादा है, उन्हें पहले मौका मिलेगा।
आप कैसे लाभ उठा सकते हैं?
* न्यूनतम 1.000 हेक्टेयर से अधिकतम 2.000 हेक्टेयर तक फसल रोपण और फेंसिंग पर अनुदान।
* सिंचाई के लिए बोर खनन पर भी अनुदान (एक इकाई के लिए)।
* समन्वित घटकों पर प्रति हेक्टेयर 3.4272 लाख रुपये की इकाई लागत, जिसमें से 1.75423 लाख रुपये का बड़ा अनुदान सीधे किसानों को मिलेगा।
यह एक ऐसा अवसर है, जब सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, ताकि आप अपनी ज़मीन का सर्वोत्तम उपयोग कर सकें और अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकें।
सपनों को दें उड़ान: अभी करें आवेदन!
राज्य सरकार विशेष रूप से वन पट्टाधारी किसानों से अपील कर रही है कि वे अपनी विशाल रिक्त ज़मीन, भर्ती या टिकरा ज़मीन का उपयोग करें और फलोद्यान या सब्जी रोपण के माध्यम से एक सुनिश्चित आय का साधन निर्मित करें। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा।
अधिक जानकारी के लिए, अपने नज़दीकी विकासखंड में स्थापित उद्यान रोपणियों, मैदानी क्षेत्र के अमलों या सीधे जिला कार्यालय सहायक संचालक उद्यान से संपर्क करें।
यह “समेकित उद्यान विकास योजना” सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए आत्मनिर्भरता और हरित क्रांति की ओर एक बड़ा कदम है। तो देर किस बात की? इस अवसर को हाथ से न जाने दें और आज ही अपनी खेती को एक नई पहचान दें!
क्या आप इस योजना का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं?
