संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
निःशक्त व्यक्तियों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
उजाला टुडे कोंडागांव:-7जुलाई 2025-“क्षितिज-अपार संभावनाएं” योजना का उद्देश्य निःशक्त मेधावी व्यक्तियों को सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह पहल अन्य दिव्यांगजनों को प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित करने और उनकी तैयारी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में सहायक है।
पात्रता मानदंड
इस योजना के लिए पात्र होने हेतु आवेदकों को निम्नलिखित आवश्यकताओं को पूरा करना होगा:
* दिव्यांगता: आवेदक की दिव्यांगता 40% या उससे अधिक होनी चाहिए, जैसा कि निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के तहत परिभाषित है।
* निवास: आवेदक छत्तीसगढ़ का निवासी होना चाहिए।
* परीक्षा योग्यता: आवेदक ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया हो।
वित्तीय प्रोत्साहन
यह योजना सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान करती है:
* प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर: ₹20,000 (एकमुश्त भुगतान)
* मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर: ₹30,000 (एकमुश्त भुगतान)
* UPSC/CGPSC में चयन होने पर: ₹50,000 (एकमुश्त भुगतान)
आवेदन कैसे करें
UPSC या CGPSC द्वारा परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद, आवेदक निम्नलिखित तरीकों में से किसी एक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
* ऑनलाइन आवेदन: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://sw.cg.gov.in/
* ऑफलाइन आवेदन: यदि ऑनलाइन आवेदन संभव न हो, तो आवेदक अपना फॉर्म संयुक्त व उपसंचालक, समाज कल्याण जिला कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
यह योजना छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को सिविल सेवाओं में अपनी आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
