संजय सोनपिपरे संपादक, उजाला टुडे कोंडागांव
आदिवासी संस्कृति का अपमान: नवा खाई हॉलिडे पर चावरा स्कूल में लगी क्लास, जिला प्रशासन के आदेश की अवहेलना
उजाला टुडे कोण्डागांव, 2 सितंबर 2025- कोण्डागांव में चावरा स्कूल ने नवा खाई पर्व के अवसर पर छुट्टी न देकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह पर्व बस्तर की आदिवासी परंपरा और आस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके लिए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए छुट्टी घोषित की थी। चावरा स्कूल द्वारा इस आदेश की अनदेखी किए जाने से स्थानीय लोगों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी है।
नवा खाई: बस्तर की आत्मा का प्रतीक
नवा खाई पर्व बस्तर के लोगों के लिए सिर्फ एक छुट्टी नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति और नई फसल का उत्सव है। इस दिन खेतों में धान की नई बालियाँ आने पर उन्हें देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है, जिसके बाद परिवार और समुदाय मिलकर जश्न मनाते हैं। इसी सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए, हर साल प्रशासन इस दिन को छुट्टी के रूप में घोषित करता है ताकि सभी लोग अपने परिवार के साथ इस पर्व को मना सकें।
प्रशासनिक आदेश की अवहेलना और स्कूल का तर्क
कोण्डागांव स्थित चावरा स्कूल, जो एक ईसाई मिशनरी संस्था द्वारा संचालित है, ने प्रशासन के आदेश को नजरअंदाज करते हुए इस दिन कक्षाएं लगाईं। जब इस बारे में स्कूल की प्राचार्या एसआर सिसलिया से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि छुट्टी 3 सितंबर को रखी गई थी और उन्होंने फोन पर कलेक्टर से इस बारे में बात की थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संबंध में कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी।
शिक्षा अधिकारी और आदिवासी संगठन की कड़ी प्रतिक्रिया
जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकारी आदेश का पालन करना सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल फोन पर की गई बातचीत को अनुमति नहीं माना जा सकता। वहीं, सर्व आदिवासी युवा प्रभाग के जिलाध्यक्ष यतीन्द्र सलाम छोटू ने इस घटना को “बस्तर की सांस्कृतिक अस्मिता का असम्मान” बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि धर्म विशेष की आड़ में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो भविष्य में सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा बन सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या धार्मिक संस्थाओं को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान नहीं करना चाहिए?


